नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत एक मामले में कथित अवैध कफ सिरप (illegal cough syrup) निर्माण और वितरण नेटवर्क से जुड़े 25 ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है। छापेमारी आज सुबह 7:30 बजे शुरू हुई। तलाशी अभियान मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल, उसके सहयोगियों आलोक सिंह और अमित सिंह, और चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के परिसरों को लक्षित कर रहा है।
छापेमारी उन कफ सिरप निर्माताओं को भी लक्षित कर रही है, जिन पर धोखाधड़ी के माध्यम से कफ सिरप की आपूर्ति करके अवैध व्यापार को बढ़ावा देने का आरोप है। चार्टर्ड अकाउंटेंट विष्णु अग्रवाल के परिसर पर भी कार्रवाई जारी है। छापेमारी उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर और सहारनपुर; झारखंड के रांची; और गुजरात के अहमदाबाद में जारी है। ईडी की टीमें अवैध धन के प्रवाह का पता लगाने के लिए दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन के विवरण की जांच कर रही हैं।
इस कार्रवाई में कुछ कफ सिरप निर्माताओं को भी निशाना बनाया गया है, जिन पर धोखाधड़ी के माध्यम से कोडीन-आधारित सिरप की आपूर्ति करके अवैध व्यापार को बढ़ावा देने का आरोप है। ईडी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों, जिनमें लखनऊ, वाराणसी, सोनभद्र, सहारनपुर और गाजियाबाद शामिल हैं, में पिछले दो महीनों में दर्ज 30 से अधिक एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया है। ये मामले कोडीन-आधारित कफ सिरप के अवैध भंडारण, परिवहन, व्यापार और सीमा पार तस्करी से संबंधित हैं।
इस अपराध से प्राप्त अनुमानित धनराशि एक हजार करोड़ रुपये से अधिक है। ईडी अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फरार है और माना जा रहा है कि वह दुबई में है। उसके पिता भोला प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने समन्वित और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया है।


