लखनऊ| राजधानी में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कोडीन कफ सिरप तस्करी प्रकरण में अपनी संलिप्तता से साफ इंकार करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। धनंजय ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव “क्षत्रिय विरोधी” हैं, इसलिए राजनीतिक लाभ के लिए उनके नाम को बिना आधार इस प्रकरण में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव और उनके साथ मुझे बदनाम करने वाली पूरी टीम के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराऊंगा।”
धनंजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि “जानबूझकर राजपूत समाज को टारगेट किया जा रहा है, जिसकी कीमत अखिलेश यादव को 2027 में चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने बताया कि इस मामले की एसआईटी, ईडी और पुलिस जांच कर रही है और उन्होंने स्वयं सीबीआई जांच की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि “जांच रिपोर्ट आने दीजिए, सब सच सामने आ जाएगा।”
पूर्व सांसद ने विधायक अभय सिंह के आरोपों का भी पलटवार करते हुए उन्हें माफिया बबलू श्रीवास्तव और मुख्तार अंसारी का करीबी बताया। धनंजय ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह के साथ पारिवारिक रिश्ते की पुष्टि तो की, लेकिन उसके कारोबार और फर्जी फर्मों से जुड़े कामकाज की जानकारी होने से साफ इनकार किया।
इस बीच कफ सिरप सिंडिकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सीजीएम कोर्ट, लखनऊ ने बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और उसके सहयोगी अमित सिंह टाटा की शुक्रवार से रविवार तक तीन दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी है। एसटीएफ अब दोनों से सिंडिकेट के नेटवर्क, दुबई भागने की साजिश, फर्जी फर्मों, और राजनेताओं व माफिया से संबंधों पर गहन पूछताछ करेगी।
गौरतलब है कि कफ सिरप तस्करी के मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल के साथ कारोबार चलाने और फर्जी फर्मों के जरिए अवैध सप्लाई करने के आरोप में वाराणसी निवासी अमित सिंह और चंदौली निवासी बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी होने की भी चर्चा है, जिस पर धनंजय ने कहा कि रिश्ता केवल पारिवारिक है, कारोबार का नहीं।




