जालौन| उरई में इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या का मामला अब और खुलकर सामने आया है। अधिकारियों और सूत्रों की जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर राय सरल और शांत स्वभाव के थे। वे किसी भी स्थिति को आपसी समझ से सुलझाना चाहते थे, लेकिन पांच दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी शर्मा की दबंग रवैये के सामने वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे थे।जानकारी के अनुसार, मीनाक्षी शर्मा, 2019 बैच की महिला सिपाही, सामान्य पुलिस पद पर होने के बावजूद वीवीआईपी लाइफस्टाइल जीती थीं। सरकारी आवास में रहते हुए उन्होंने अपने लिए अलग सुविधाओं का इंतजाम किया था और अन्य महिला सिपाहियों से न्यून मेलजोल रखते हुए ज्यादातर समय अकेले रहना ही पसंद करती थीं।दो दिसंबर को मीनाक्षी ने अपना जन्मदिन इंस्पेक्टर से दूर मेरठ में मनाया था, जिससे इंस्पेक्टर राय को बुरा लगा। पांच दिसंबर को मीनाक्षी फिर इंस्पेक्टर के सरकारी आवास पहुंचीं और दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इंस्पेक्टर ने मामले को शांत करने के लिए उनसे बैठकर बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन मीनाक्षी बात पर नहीं मानी। इसी दौरान अचानक गोली चलने की घटना हुई। सीसीटीवी में मीनाक्षी भागती हुई और चिल्लाती हुई दिखाई दी, और उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि साहब ने गोली मार ली है। इसके बाद वह फरार हो गई।सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की आत्महत्या का कारण मुख्य रूप से मीनाक्षी की दबंगई और उनके सामने खुद को असहाय महसूस करना था। उनका शांत और सरल स्वभाव ऐसी परिस्थितियों को संभालने में असमर्थ रहा, जिससे अंततः यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय आत्महत्या: दबंग सिपाही मीनाक्षी शर्मा के दबाव में फंसे थे साहब




