नई दिल्ली| आज लोकसभा में एक असामान्य और चर्चा योग्य विवाद सामने आया, जब हिमाचल प्रदेश से निर्वाचित पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सांसद पर सदन में ई-सिगरेट पीने का गंभीर आरोप लगाया। यह विवाद दोपहर करीब 11.27 बजे प्रश्नकाल के दौरान उत्पन्न हुआ, जिसने सदन में उपस्थित सभी सांसदों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अनुराग ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि पूरे देश में ई-सिगरेट पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन संसद भवन के भीतर TMC सांसद लगातार इस नियम का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से आग्रह किया कि इस मामले की समुचित और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि संसद की मर्यादा और नियमों का उल्लंघन न हो।
इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद की मर्यादा और आचार संहिता के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसदीय नियमावली के अनुसार इस घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्पीकर ने सभी सदस्यों से पुनः आग्रह किया कि वे संसदीय परंपराओं, शिष्टाचार और नियमों का पूरी तरह पालन करें।
अनुराग ठाकुर ने इसी क्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से हिमाचल प्रदेश के तटीयकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा आवंटित फंड के बारे में भी प्रश्न पूछा। इसके बाद उन्होंने स्पीकर से सदन की व्यवस्था से जुड़ा सवाल उठाया। इस पर स्पीकर ने उन्हें स्पष्ट किया कि कोई भी सदस्य सीधे स्पीकर से सवाल नहीं कर सकता, बल्कि वे अपील कर सकते हैं। ठाकुर ने कहा कि उनका उद्देश्य सवाल नहीं करना बल्कि सदन से आग्रह करना था।




