फर्रूखाबाद: अभय ट्रैवल्स (Abhay Travels) के नाम से चल रहा अवैध कारोबार अब एक संगठित तस्करी नेटवर्क की शक्ल ले चुका है। ट्रैवल्स के मालिक पंकज मिश्रा खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए कायमगंज अलीगंज रूट पर बिना जीएसटी, बिना फिटनेस, बिना टैक्स और बिना परमिट की बसें दौड़ा रहे हैं। इन बसों की हालत ऐसी है कि मानो सड़क पर चलते समय बस (Buses) नहीं, मौत की सवारी दौड़ रही हो। सरकार के नियम इनके लिए महज़ कागज़ का एक टुकड़ा बनकर रह गए हैं।
इन बसों पर 40 यात्रियों की अनुमति होते हुए भी इन्हें खचाखच भरकर चलाया जाता है, जहां सुरक्षा नहीं, जुगाड़ व्यवस्था ही यातायात की पहचान बन गई है। हर बस में रोजाना 28 प्रतिशत जीएसटी वाली 8 से 12 पैकेट तंबाकू बिना किसी जीएसटी बिल के भेजी जाती हैं, और वापसी के समय इन्हीं बसों में नशीली और प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध खेप दबाकर लाई जाती है। यह नेटवर्क सिर्फ अवैध बसों तक सीमित नहीं, बल्कि तस्करी का एक ऐसा अड्डा बन चुका है जहां बसें परिवहन का साधन नहीं, बल्कि ‘चलती-फिरती तस्करी मशीन’ बन गई हैं।
नाम न उजागर करने की शर्त पर एक चालक ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि इस गोरखधंधे की सुरक्षा के लिए हर महीने हर रूट के थानों को 4000 रुपये, पुलिस चौकियों को 2000 रुपये, और ARTO को 9000 रुपये प्रति बस देने की व्यवस्था तय है। यह रकम मानो इस अवैध साम्राज्य की सुरक्षा कवच है, जिसके बाद कोई अधिकारी बसों को हाथ तक नहीं लगाता। यही कारण है कि सड़क पर दौड़ती ये बसें कानून को नहीं, केवल ‘महीने की सेटिंग’ को सलाम करती हैं।अभय ट्रैवल्स का यह काला खेल न सिर्फ कानून व्यवस्था का अपमान है, बल्कि जनहित के साथ खुला खिलवाड़ भी है।
यह तस्करी तंत्र पुलिस–प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध साम्राज्य फल-फूल रहा है स्थानीय लोग इस बढ़ते खतरे से भयभीत हैं और प्रशासन से इस बेखौफ तस्करी, अवैध वसूली और बसों के नेटवर्क पर तुरंत शिकंजा कसने की मांग कर रहे हैं।


