रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान की तबीयत शनिवार को अचानक खराब हो गई। जानकारी के मुताबिक जब दो चिकित्सक उनका उपचार करने के लिए जेल अस्पताल पहुंचे तो आज़म ख़ान ने मेडिकल जांच करवाने से साफ इनकार कर दिया। उनके इस रुख के बाद जेल प्रशासन में हलचल तेज हो गई। इससे पहले भी उन्होंने अपने परिवार वालों से मुलाकात करने से मना कर दिया था।
आज़म ख़ान वर्तमान में दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में सात साल की सजा काट रहे हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को दो पासपोर्ट मामले में सात साल की सजा सुनाई गई है। मामले पर फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
उधर, भारतीय सेना पर विवादित बयान देने से जुड़े आठ साल पुराने केस में शनिवार को एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में बहस पूरी हो गई। यह मामला वर्ष 2017 का है, जिसमें प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। अदालत 11 दिसंबर को अपना फैसला सुनाएगी।
इसी के साथ, आज़म ख़ान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म को एमपी–एमएलए कोर्ट से मिली सात साल की सजा के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की अपील दायर की है। इस अपील पर 23 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने इसकी पुष्टि की है।






