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Monday, February 9, 2026

अरपोरा नाइटक्लब आग त्रासदी: सिलेंडर विस्फोट से 25 की मौत, कई गंभीर रूप से घायल

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नई दिल्ली| गोवा के अरपोरा गांव में शनिवार रात लगभग 12:04 बजे हुई भीषण आग ने पूरे राज्य और देश को स्तब्ध कर दिया। ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में सिलेंडर विस्फोट से लगी आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसमें कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। मृतकों में 14 क्लब स्टाफ, 4 पर्यटक और 7 अज्ञात लोग शामिल हैं।

घटना की भयावहता

घटना के समय क्लब में लगभग 100 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की शुरुआत पहली मंजिल से हुई, जहां लोग नाच रहे थे। आग तेजी से फैलने के कारण लोग नीचे बने किचन की ओर भागे, लेकिन संकरे एंट्री और एग्जिट मार्ग और वेंटिलेशन की कमी के कारण कई लोग वहीं फंस गए। दम घुटने से कई लोगों की मौत हो गई। क्लब की अस्थायी संरचना और ताड़ की पत्तियों से बनी छत ने आग को और भयानक बना दिया।

प्रत्यक्षदर्शी राहुल देसाई ने बताया, “जैसे ही आग लगी, लोग चीखते हुए भागने लगे। कुछ लोग नीचे उतर नहीं पाए और धुएँ में दम तोड़ बैठे। यह एक डरावना दृश्य था।”

प्रशासन और राहत कार्य

घटना की जानकारी मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह त्रासदी नियमों की अवहेलना और अवैध संचालन के कारण हुई। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”

राहत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। गोवा पुलिस और स्थानीय फायर ब्रिगेड टीम ने आग को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष किया। कठिन पहुंच मार्ग और संकरे रास्ते के कारण बचाव कार्य में काफी बाधा आई।

घायलों को अरपोरा और पणजी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर स्थिति वाले घायलों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था की गई है।

केंद्रीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

जांच और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन

गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि सिलेंडर विस्फोट आग का मुख्य कारण था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि क्लब में कई सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था। क्लब के मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय सुरक्षा विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने कहा, “यह घटना गोवा जैसे पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। क्लब और अन्य मनोरंजन स्थलों में सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है।”

पीड़ितों के परिवारों की स्थिति

घटना में मारे गए राजेश तिवारी (32) के भाई संदीप तिवारी ने कहा, “हमारे लिए यह अपूरणीय क्षति है। हम चाहते हैं कि जिम्मेदार लोग सजा पाएं और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

यह त्रासदी न केवल अरपोरा, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए चेतावनी है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं, जबकि जांच एजेंसियां सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और क्लब मालिकों की भूमिका की गहन जांच कर रही हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और सभी शवों की पहचान के प्रयास जारी हैं।

इस दर्दनाक हादसे ने गोवा की पर्यटन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे देश को आग और सुरक्षा नियमों के प्रति सजग होने की आवश्यकता की याद दिलाई है।

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