उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण अधर में, 60 हजार से ज्यादा रिकॉर्ड अपलोड होने से रह गए

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 तकनीकी खामियों ने बढ़ाई मुश्किलें, अंतिम तिथि खत्म होने से पहले बड़ा हिस्सा अपलोड न होना तय
लखनऊ। केंद्र सरकार के उम्मीद पोर्टल पर उत्तर प्रदेश की वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण अब लगभग अधर में लटक गया है। प्रदेश की कुल 1,33,785 वक्फ संपत्तियों में से अब तक सिर्फ 62,837 का ही पंजीकरण किया जा सका है। पोर्टल पर रिकॉर्ड अपलोड करने की अंतिम तिथि शुक्रवार को समाप्त हो रही है, ऐसे में सुन्नी व शिया वक्फ बोर्ड की करीब 60 हजार से अधिक संपत्तियां समय पर पंजीकृत नहीं हो पाएंगी।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में लगभग 1 लाख 26 हजार और शिया वक्फ बोर्ड में 7 हजार 785 संपत्तियां दर्ज हैं। वक्फ संशोधन कानून 2025 के लोकसभा से पारित होने के बाद केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों को डिजिटल रूप से एकीकृत सूची में लाने के उद्देश्य से 6 जून को ‘उम्मीद पोर्टल’ लांच किया था। इसके तहत 5 दिसंबर तक सभी वक्फ संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया।
पोर्टल पर कमजोरी तकनीकी दिक्कतों ने काम की रफ्तार को लगातार प्रभावित किया। सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी और शिया वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी ने बताया कि पोर्टल लांच के बाद से ही तकनीकी खामियां बनी रहीं। छह दिनों तक पोर्टल पूरी तरह क्रैश रहा और बुधवार से इसका संचालन शुरू हुआ, मगर सर्वर की गति बेहद धीमी है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के मुताबिक करीब 58 हजार संपत्तियों का पंजीकरण तो हो गया है, लेकिन इनमें से केवल 46 हजार का ही विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा सका है। दूसरी ओर, 68 हजार सुन्नी और 2,948 शिया वक्फ संपत्तियों का विवरण अब भी लंबित है, जिन्हें अंतिम तिथि से पहले अपलोड किए जाने की संभावना नगण्य है।

तकनीकी खामियों और समय की कमी के चलते वक्फ बोर्डों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि केंद्र सरकार समय सीमा बढ़ाने पर विचार कर सकती है, ताकि बची हुई वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण भी सुनिश्चित किया जा सके।

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