फर्रुखाबाद। शहर में चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री एक बार फिर खुलेआम हो रही है। प्रशासन की सख्ती और प्रतिबंध के बावजूद बाजारों, गलियों और छिपे हुए ठिकानों से धड़ल्ले से चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। यह खतरनाक मांझा न केवल इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है, बल्कि पक्षियों और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
चाइनीज मांझे से लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। गले, हाथ और चेहरे पर गहरी चोटें आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में बाइक सवार और राहगीर इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इसके कारण नसें कटने तक की घटनाएं हो रही हैं, जिनका इलाज लंबा और खर्चीला होता है।
इतना ही नहीं, यह मांझा पक्षियों के लिए भी काल बन चुका है। रोजाना दर्जनों पक्षी घायल हालत में देखे जा रहे हैं। कई पक्षियों की मौके पर ही मौत हो जाती है।
हालात यह हैं कि शहर की कई दुकानों पर चोरी-छिपे यह जानलेवा मांझा बेचा जा रहा है। पतंगबाजी के मौसम से पहले ही इसकी कालाबाजारी तेज हो गई है। दुकानदार ऊंचे दामों पर इसे बेच रहे हैं और युवाओं में इसका खासा क्रेज देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित है।
सूत्रों के अनुसार जब पुलिस छापा मारती है, तो कई बार वहां मौजूद लोग वहीं बैठकर खाना तक खा लेते हैं और कुछ देर बाद मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। यह भी आरोप है कि पकड़े जाने वाले कई लोगों से पैसे लेकर उन्हें छोड़ दिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ जगहों पर सांठगांठ के चलते अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
यह खतरनाक मांझा सीधे तौर पर हादसों को न्योता दे रहा है। सड़क पर चल रहा कोई भी व्यक्ति, खासकर दोपहिया वाहन चालक, इसका शिकार बन सकता है। कई मामलों में हेलमेट पहनने के बावजूद गले में गंभीर कट लगने की खबरें सामने आ चुकी हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब सरकार ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है, तो फिर खुलेआम बिक्री आखिर कैसे हो रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह उठता है कि जब नियम स्पष्ट हैं, तब उनके पालन में इतनी लापरवाही क्यों? क्या सिर्फ छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई कर बड़े सप्लायरों को संरक्षण दिया जा रहा है? यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।
स्थानीय निवासी का कहना है,
“हम रोज देख रहे हैं कि चाइनीज मांझा बिक रहा है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में हो रही है। जब तक ईमानदार कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हादसे रुकने वाले नहीं हैं।”





