फर्रुखाबाद। नगर उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट फर्रुखाबाद ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी एवं पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को ज्ञापन सौंपकर गन्ने से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के शहर के भीतर से आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि तिकोना चौकी, पक्कापुल चौराहा, नेहरू रोड व घुमना मार्ग से होकर रातभर दर्जनों गन्ना लदी ट्रॉलियां गुजरती हैं, जिससे शहर की सड़कों पर भयावह जाम और जानलेवा दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है।
व्यापारियों का आरोप है कि गन्ने से भरी अधिकतर ट्रॉलियां अपनी निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक ओवरलोड रहती हैं। ट्रॉलियों की लंबाई और चौड़ाई भी मानकों से अधिक होती है, जिससे वे पूरी सड़क को घेर लेती हैं। ट्राली चालक बीच सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिसके कारण रात के समय शहर में बार-बार जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार एंबुलेंस, ई-रिक्शा, कार, मोटरसाइकिल सवार और राहगीर इन ओवरलोड ट्रॉलियों की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं।
व्यापार मंडल ने बताया कि रात के समय प्रकाश व्यवस्था कमजोर होने के कारण गन्ना लदी ट्रॉलियां दिखाई नहीं देतीं। कई बार ट्रॉलियों से गन्ना सड़क पर गिर जाता है, जिससे फिसलन हो जाती है और दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो जाते हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर देर रात तक जाम लगा रहता है, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार क्षेत्र, अस्पताल मार्ग और रिहायशी इलाकों में भी यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
नगर उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की है कि गन्ना लोड ट्रैक्टर ट्रॉलियों को फर्रुखाबाद शहर के अंदर से न निकालकर मऊ दरवाजा बाईपास, ठंडी सड़क, लालगेट, जसवंतनगर मार्ग होते हुए पांचालघाट की ओर से निकाला जाए। इससे शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा और किसी भी बड़ी अनहोनी से बचा जा सकेगा।
इस संबंध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने डीएम व एसपी को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र ठोस कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन पर नगर अध्यक्ष हाजी मो. इखलाक खान, नगर संयुक्त महामंत्री रामजी पाठक, नगर कोषाध्यक्ष राजन रॉय जॉली राजपूत, नगर प्रभारी ठाकुर सर्वेंद्र सिंह, नगर चेयरमैन सरदार जगदीप सिंह छाबड़ा, नगर संरक्षक आनंद प्रकाश मुन्ना गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष आफताब अंसारी, घुमना अध्यक्ष दिलीप गुप्ता एवं महामंत्री गोपाल राजपूत के हस्ताक्षर रहे।
व्यापारियों ने कहा कि यदि शीघ्र ही गन्ना ट्रॉलियों के शहर के भीतर प्रवेश पर रोक नहीं लगाई गई तो इससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि यह मांग केवल व्यापारियों की नहीं, बल्कि पूरे शहर की जनभावनाओं से जुड़ी हुई है।





