फर्रुखाबाद। एशिया की सबसे अधिक राजस्व देने वाली सातनपुर आलू मंडी में बुधवार को आलू की आमद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। करीब 8000 पैकेट आलू पहुंचने से मंडी में रौनक तो बढ़ी, लेकिन बढ़ी हुई आमद के कारण भावों में मामूली गिरावट देखी गई। बुधवार को आलू का बाजार ₹301 से ₹481 प्रति पैकेट के बीच रहा, जो पिछले कुछ दिनों की तुलना में थोड़ा कमजोर बताया जा रहा है।
किसानों के अनुसार, वर्षभर की मेहनत का असली मूल्य इसी मंडी में मिलता है, लेकिन लगातार बढ़ती आमद के कारण भावों में उतार-चढ़ाव उन्हें चिंता में डाल रहा है। कई किसान यह भी मानते हैं कि आस-पास के जिलों से बड़े पैमाने पर हो रही सप्लाई ने भी स्थानीय बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
फर्रुखाबाद जनपद आलू उत्पादन में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में एक महत्वपूर्ण पहचान रखता है। जनपद का शायद ही कोई क्षेत्र हो जहाँ आलू की खेती न होती हो। हजारों किसान आलू उत्पादन पर निर्भर हैं और इसी फसल के माध्यम से अपना जीवनयापन करते हैं। यहां की उपज को गुणवत्ता और आकार की दृष्टि से विशेष माना जाता है।
यही कारण है कि सातनपुर मंडी का आलू देश के कोने-कोने में निर्यात किया जाता है। बड़े व्यापारी हर सीजन में यहां से माल उठाकर बाहरी राज्यों तक भेजते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में बाहर के राज्यों और विदेशों में भी आलू की मांग बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे स्थानीय किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है।






