59 जिलों में खुलेंगे नए आधार सेवा केंद्र, तीन महीने में मिलेगी बड़ी राहत

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लखनऊ। जिन लोगों का आधार अभी तक नहीं बन पाया है या फिर जिन्हें अपडेट कराने में कई-कई दिन तक लाइनों में लगना पड़ रहा था, उनके लिए बड़ा राहत भरा कदम उठाते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में नए आधार सेवा केंद्र (एएससी) खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। अगले तीन महीनों के भीतर ये सभी केंद्र शुरू हो जाएंगे। इनके खुलने के बाद प्रदेश के 75 जिलों में से 71 जिलों में आधार सेवा केंद्र उपलब्ध होंगे, जिससे करोड़ों लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।

वर्तमान में यूपी के 12 जिलों—वाराणसी, आगरा, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज और सहारनपुर—में ही आधार सेवा केंद्र चल रहे हैं। बाकी जिलों में आधार बनाने या अपडेट कराने की सुविधा बैंकों और डाकघरों में सीमित मशीनों के साथ दी जा रही थी, जिस कारण लंबी प्रतीक्षा और धीमी प्रक्रिया लोगों की बड़ी समस्या बनी हुई थी। अब यूआईडीएआई द्वारा 59 नए जिलों में एएससी खोलने से यह परेशानी काफी हद तक दूर हो जाएगी।

यूआईडीएआई के अनुसार इन नए केंद्रों पर अधिक क्षमता के साथ काम होगा। हर केंद्र पर 16 तक मशीनें लगाई जाएंगी, जबकि वर्तमान में बैंक और डाकघर सिर्फ दो से चार मशीनों पर काम कर रहे हैं। बढ़ी हुई मशीनों की संख्या के कारण प्रतिदिन कई गुना अधिक आधार बन सकेंगे और अपडेट हो सकेंगे। केंद्रों पर मशीनों और कर्मचारियों की संख्या जिले की जनसंख्या के अनुसार तय की जाएगी, ताकि भीड़ को संभालने और काम को तेज़ी से निपटाने में दिक्कत न आए।

इन 59 जिलों में खुलने वाले आधार सेवा केंद्र अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, औरैया, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, गाजीपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, महाराजगंज, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, संभल, संतकबीर नगर, भदोही, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, फर्रुखाबाद, बांदा, फतेहपुर, बलरामपुर, बलिया और जालौन शामिल हैं।

यूआईडीएआई ने समीक्षा के बाद पाया कि जिलों में आधार संबंधी कार्यों के लिए अधिक क्षमता वाले केंद्रों की अत्यंत आवश्यकता है। इसलिए तीन चरणों में नए केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। वहीं चार जिले—चित्रकूट, बागपत, महोबा और ललितपुर—ऐसे हैं जहां फिलहाल केंद्र नहीं खोले जाएंगे, लेकिन इन जिलों के निवासियों को आसपास के जिलों में यह सेवा उपलब्ध रहेगी।

यूआईडीएआई लखनऊ के उपमहानिदेशक प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि नए केंद्रों के शुरू होने से लाखों लोगों को तत्काल और सहज सुविधा मिलेगी। आधार बनवाने, अपडेट कराने और अन्य प्रक्रियाओं की गति कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि काम का दबाव लगातार बढ़ रहा था, इसलिए अतिरिक्त 59 आधार सेवा केंद्रों की जरूरत महसूस हुई। सरकार और यूआईडीएआई के इस संयुक्त प्रयास का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और छोटे जिलों में रहने वाले नागरिकों को मिलेगा, जिन्हें अब लंबी दूरी तय किए बिना अपने ही जिले में बेहतर सुविधा सुनिश्चित होगी।

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