शिक्षा व्यवस्था का पतन: खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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बीआरसी कर्मचारियों की करतूतों से शिक्षक समाज त्रस्त, न्याय पंचायत स्तर पर दलाल सक्रिय

फर्रुखाबाद| कमालगंज ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों गहरी दलदल में धंसती जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह पर लगे गंभीर आरोपों ने पूरे जिले की छवि को कलंकित कर दिया है। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यभार संभालते ही ब्लॉक संसाधन केंद्र वसूली का गढ़ बन गया है, जहाँ खुलेआम भ्रष्टाचार, दबाव, धमकी और दलाली का खेल खेला जा रहा है।शिक्षकों का कहना है कि अनूप कुमार सिंह और उनके संरक्षण में काम करने वाले बीआरसी कर्मचारी, शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय शिक्षकों का शोषण और खुली वसूली करने में लगे हुए हैं। ब्लॉक में यह माहौल बना दिया गया है कि जो कर्मचारी या दलाल अधिक रकम खंड शिक्षा अधिकारी तक पहुंचाता है, वही पद और प्रभाव हासिल करता है।
सरकार ने निरीक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी जानबूझकर इस व्यवस्था का पालन नहीं करते।
शिक्षकों का आरोप है कि अनूप कुमार सिंह निरीक्षण के दौरान कागज़ी नोटिस थमाते हैं, जिन पर न कोई पत्रांक होता है और न किसी प्रकार का सरकारी अभिलेख। यही नोटिस आगे वसूली का माध्यम बन जाते हैं।
कई शिक्षक दलाल सक्रिय हैं, जो विद्यालयों में छोटी-छोटी कमियां निकालकर खंड शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेजते हैं। इसके बाद नोटिस की आड़ में शुरू होता है धन उगाही का दौर।शिक्षकों ने यह भी बताया कि देर से विद्यालय पहुंचने वाले, समय से पहले जाने वाले और कभी-कभी विद्यालय न आने वाले शिक्षकों की गुप्त सूची तैयार की जा रही है, और उनसे महीना वसूला जा रहा है।
कुछ शिक्षकों से तो पहले ही पैसा लिया जा चुका हैऐसा आरोप लगाया गया है।स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह पहले भी कई गंभीर आरोपों की वजह से हटाए जा चुके हैं। भ्रष्टाचार और पक्षपात को लेकर वे लगातार चर्चा में रहे, लेकिन फिर भी उन्हें जिले के सबसे बड़े ब्लॉक कमालगंज में तैनात कर दिया गया।
शिक्षकों का आरोप है कि अब उनका व्यवहार और अधिक अहंकारी, दबंग और धन उगाही पर आधारित हो गया है।
शिक्षकों ने कहा कि बीआरसी के कुछ कर्मचारी तो खुलेआम दलाली और वसूली में लगे हुए हैं।
किस शिक्षक से कितना लेना है, कौन शिकायत करेगा, कौन ऊपर तक पैसा पहुचाएगा यह सब कुछ पहले ही तय होता है।कई कर्मचारियों का व्यवहार शिक्षकों के प्रति अपमानजनक बताया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भय और दबाव में बदल गया है।शिक्षक समाज ने एक स्वर में मांग की है कि जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी कमालगंज ब्लॉक में तत्काल गोपनीय जांच कराएं, ताकि भ्रष्टाचार का सच सामने आए और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई हो सके।शिक्षकों का कहना है अनूप कुमार सिंह और उनके साथियों ने शिक्षा विभाग को कलंकित कर दिया है। यहां पढ़ाई से ज्यादा वसूली पर ध्यान है। यदि समय रहते कार्रवाई न हुई, तो पूरा ब्लॉक शिक्षा का नहीं, भ्रष्टाचार का अड्डा बन जाएगा।पूरे ब्लॉक के शिक्षक अब जिलाधिकारी की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि इस कलंकित अध्याय का अंत जल्द हो और शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचारियों से मुक्त कराया जाए।

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