घुसपैठियों के लिए रेड कार्पेट नहीं बिछा सकते : सुप्रीम कोर्ट

0
52

नई दिल्ली। पुलिस हिरासत से 5 रोहिंग्या शरणार्थियों के रहस्यमयी तरीके से लापता होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए इस संबंध में दायर याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने न केवल याचिकाकर्ता को फटकार लगाई, बल्कि केंद्र सरकार को नोटिस जारी करने से भी स्पष्ट इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अवैध रूप से भारत में घुसपैठ कर आने वालों के लिए किसी भी तरह की विशेष सुविधा या सुरक्षा की मांग स्वीकार्य नहीं है, विशेषकर तब जब देश की उत्तरी सीमा अत्यंत संवेदनशील स्थिति में हो।

मामला तब उठ खड़ा हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में 16 दिसंबर को रोहिंग्या शरणार्थियों से जुड़े मामलों पर होने वाली सुनवाई से पहले एक याचिका दायर कर पांच गायब रोहिंग्या की गुमशुदगी पर भी सुनवाई की मांग की गई। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया था कि केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाए, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इस मांग को उचित न मानते हुए याचिका तुरंत खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि रोहिंग्या अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं और उन्हें ‘घुसपैठिया’ की श्रेणी में रखा जाता है। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वालों के लिए अदालत ‘रेड कार्पेट’ बिछाने की उम्मीद रखी जाए? अदालत ने कहा कि जब देश की सीमा सुरक्षा चुनौतीपूर्ण है और हालात संवेदनशील हैं, तब इस तरह की याचिकाएं कोर्ट का समय खराब करने के समान हैं।

अदालत ने आगे यह भी कहा कि अगर कोई अवैध तरीके से सुरंगों और अन्य गुप्त रास्तों से देश में दाखिल होता है, तो क्या न्यायालय उसकी देखभाल, भोजन, आवास और बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाए? सुप्रीम कोर्ट ने इसे अव्यवहारिक और अवांछनीय बताते हुए याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।

इस फैसले के बाद स्पष्ट है कि शीर्ष अदालत रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर सख्त रुख बनाए हुए है और अवैध प्रवासियों के लिए किसी भी तरह की विशेष व्यवस्था के पक्ष में नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here