यातायात माह 2025 में मूक–बधिर वाहन चालकों के लिए अनूठी पहल, लगाए गए चालक चिन्ह व स्टीकर

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फर्रुखाबाद वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किया गया जागरूक

सीओ सिटी व यातायात प्रभारी ने नियमों का पालन करने की की अपील
फर्रुखाबाद। यातायात माह 2025 के अंतर्गत फर्रुखाबाद वेलफेयर सोसाइटी की ओर से एक सराहनीय और संवेदनशील पहल की गई। इस अभियान के तहत मूक–बधिर वाहन चालकों के वाहनों पर विशेष चालक चिन्ह और स्टीकर चस्पा किए गए तथा उन्हें वितरित भी किया गया, ताकि सड़क पर चलने वाले अन्य लोग ऐसे चालकों की स्थिति को समझ सकें और अतिरिक्त सतर्कता बरत सकें।
इस अवसर पर फर्रुखाबाद वेलफेयर सोसाइटी की ओर से सांकेतिक भाषा अनुवादक रजनी चौहान ने मूक–बधिर वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी सांकेतिक भाषा के माध्यम से विस्तार से दी। उन्होंने हेलमेट पहनने, संकेतों का पालन करने, गति सीमा का ध्यान रखने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसे नियमों पर विशेष रूप से जागरूक किया। मूक–बधिर चालकों ने भी इस जानकारी को बड़े उत्साह के साथ ग्रहण किया और नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय तथा यातायात प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने उपस्थित होकर मूक–बधिर वाहन चालकों का सम्मान किया और उन्हें यातायात नियमों के प्रति और अधिक सजग रहने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार की पहल से समाज में समानता और संवेदनशीलता का संदेश जाता है।
नगर क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि मूक–बधिर वाहन चालक भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों का दायित्व है। वहीं यातायात प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि ऐसे विशेष चिन्ह और स्टीकर लगने से सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और अन्य वाहन चालक भी सतर्क रहेंगे।
यह संपूर्ण कार्यक्रम राजकीय संकेत विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, समाजसेवी तथा अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में फर्रुखाबाद वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जन-जागरूकता और समाजोपयोगी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि हर वर्ग को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
यातायात माह 2025 के तहत की गई यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने वाली साबित हुई, बल्कि समाज में मूक–बधिरों के प्रति सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता को भी नई दिशा देने वाला कदम सिद्ध हुई।

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