झूठा साक्ष्य देने पर FIR के निर्देश, सरकार से मिले मुआवजे की राशि भी वापस ली जाएगी
श्रावस्ती। अदालत में सच छिपाना और झूठी गवाही देना एक महिला को महंगा पड़ गया। जिला कोर्ट के निर्देश पर फूलमती नाम की महिला के खिलाफ झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
मामला पुराने पारिवारिक विवाद से जुड़ा है, जिसमें फूलमती ने अपने पति और बच्चों के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए बयान दर्ज कराया था। इस मामले में दो आरोपी पहले ही कोर्ट से दोषमुक्त हो चुके हैं।
अदालत ने पाया कि फूलमती ने अपने बयान में झूठी जानकारी दी और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को दिए गए मुआवजे की राशि की वसूली के भी आदेश दिए हैं, क्योंकि यह मुआवजा फूलमती द्वारा गलत तथ्यों के आधार पर प्राप्त किया गया था।
यह मामला एक महत्वपूर्ण मिसाल है, जो बताता है कि अदालत में झूठ बोलना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इसके गंभीर परिणाम भी झेलने पड़ते हैं।





