फर्रुखाबाद। कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम मानिकपुर में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। विरासत की जमीन पर स्वामित्व को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहराने के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां से फिलहाल विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही जमीन की बिक्री पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है।
वादी जयपाल पुत्र रामस्वरूप तथा संदीप पुत्र राशन सिंह, निवासी मानिकपुर, मोहम्मदाबाद ने अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में बताया कि जयपाल के पिता बच्चन पुत्र छत्तर ने जीवनकाल में ही खसरा संख्या 118 की भूमि अपनी पत्नी राम बेटी के नाम कर दी थी।
परिवारजनों के अनुसार, राम बेटी कम पढ़ी-लिखी महिला थीं, जिसका फायदा उठाते हुए रामस्वरूप ने इस जमीन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया। बच्चन के निधन के बाद रामस्वरूप ने उक्त भूमि का दाखिल–खारिज अपने नाम करा लिया, जिसके खिलाफ पीड़ित पक्ष ने अदालत में मुकदमा दायर कर रखा है। मामला अभी विचाराधीन है।
वादी पक्ष का आरोप है कि मुकदमा लंबित होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने ट्रैक्टर से ईंटें मंगवाकर जगह पर डलवा दीं, ताकि निर्माण कार्य शुरू होने का दिखावा कर कब्जा पक्का किया जा सके।
इतना ही नहीं, विपक्षी पक्ष द्वारा उक्त जमीन को बेचे जाने के भी प्रयास किए गए, जिससे मुकदमे में नए विरोधी पक्ष जुड़ने और प्रकरण के और जटिल होने की आशंका पैदा हो गई। पीड़ितों का कहना है कि यदि बिक्री हो जाती, तो मुकदमे में बहुतवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी, जिससे न्यायालय को अनावश्यक जटिलताओं का सामना करना पड़ता।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने हस्तक्षेप किया और विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि मुकदमे के निस्तारण तक इस जमीन की किसी भी प्रकार से बिक्री नहीं की जाएगी।
न्यायालय के इस फैसले से वादी पक्ष को बड़ी राहत मिली है, जबकि विपक्षी पक्ष की गतिविधियों पर भी रोक लग गई है।
जगह पर संभावित विवाद की आशंका से चिंतित पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को भी शिकायती पत्र देकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अनुरोध किया है कि विपक्षी पक्ष द्वारा विवाद बढ़ाने, कब्जा करने या किसी भी अवांछित स्थिति की संभावना को देखते हुए प्रशासन आवश्यक कदम उठाए।
गांव में माहौल तनावपूर्ण न हो, इसलिए पुलिस-प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की भी मांग की गई है।





