शरद कटियार
जीवन का हर पल हमारी मु_ी में नहीं होता, लेकिन जो क्षण हमारी पकड़ में है, वह है वर्तमान। मनुष्य स्वभाव से भविष्य की ओर दौड़ता है—करियर, पैसा, रिश्ते, सेहत, सफलता—हर चीज़ की योजना बनाता है। यह योजना बनाना गलत नहीं है; बल्कि प्रगति का मूल आधार है। परंतु एक सच हमेशा स्थिर, अटल और निर्विवाद रहता है—जीवन की सबसे बड़ी शक्ति वर्तमान में ही होती है।
भविष्य की योजना क्यों ज़रूरी है?
भविष्य की योजना आपको दिशा देती है।यह बताती है कि आप कहाँ जाना चाहते हैं और क्यों जाना चाहते हैं। लेकिन दिशा होने का यह अर्थ नहीं कि आप यात्रा का हर कदम पहले से तय कर लें। जीवन कभी भी अपने नियमों से मोड़ बदल देता है।
आप कल की प्लानिंग कर सकते हैं:
6 महीने बाद की रणनीति बना सकते हैं, 1 साल का विजन तैयार कर सकते हैं, लेकिन क्या यह सुनिश्चित है कि योजना बिल्कुल उसी रूप में पूरी होगी उत्तर है,नहीं। जीवन की अनिश्चितता ही इसकी सुंदरता भी है और चुनौती भी।
हम अपने जीवन का अधिकतर समय या तो बीते हुए कल में खोकर या आने वाले कल की चिंता में बिताते हैं। इसी भागदौड़ में हम अभी को भूल जाते हैं। वर्तमान ही वह बीज है जो भविष्य का पेड़ बनता है, वर्तमान ही वह समय है जिसमें मेहनत, ध्यान, और कर्म संभव है वर्तमान ही वह जगह है जहां जीवन वास्तव में घटित हो रहा है,
भविष्य सिर्फ कल्पना है, और अतीत सिर्फ स्मृति, लेकिन वर्तमान एकमात्र वास्तविकता है। जब हम वर्तमान में जीते हैं, तब क्या बदलता है? मन की शांति बढ़ती है क्योंकि आपका ध्यान वहीं होता है जहां आपकी शक्ति होती है। कार्य की गुणवत्ता सुधरती है जब पूरा ध्यान वर्तमान कार्य पर हो, तो परिणाम स्वाभाविक रूप से बेहतर होते हैं। समय का सदुपयोग होता है अभी किया गया सही काम, भविष्य की सफलता की नींव है।
चिंता कम होती है भविष्य की चिंता आधी इसलिए होती है क्योंकि हम वर्तमान को खो देते हैं। भविष्य की तैयारी करें, लेकिन वर्तमान का त्याग करके नहीं। योजना दिशा देती है, पर कार्य वर्तमान में ही होता है। यही वजह है कि सभी महान व्यक्तित्व दार्शनिक, वैज्ञानिक, योगीएक बात पर सहमत हैं, वर्तमान में जियो, क्योंकि यहीं जीवन की असली शक्ति है।
जीवन यात्रा है अपने समय, ऊर्जा, और सपनों को समझते हुए आगे बढऩे की यात्रा।भविष्य की योजना बनाना समझदारी है,पर उस योजना को साकार करने का साधन सिर्फ वर्तमान है। जो अभी है,वही सच है, और उसी वर्तमान में पूर्ण जीवन छिपा हुआ है।योजना बनाइए, पर जीयें आज मे।
(लेखक यूथ इंडिया न्यूज ग्रुप के प्रधान संपादक हैं।)






