यूपी में एसआईआर पर सपा का बड़ा दबाव,अवधि तीन महीने बढ़ाना जरूरी: अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले करते हुए कहा कि जनता से जितने वादे किए गए, उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता हर मुद्दे पर सरकार से जवाब लेगी और पूछेगी कि विकास आखिर जमीन पर कहां दिख रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने बिना पूरी तैयारी के यह प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे मतदाता सूची में भारी गड़बड़ियां होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि एसआईआर की अवधि कम से कम तीन महीने बढ़ाई जाए, ताकि सभी योग्य मतदाताओं के नाम सही ढंग से दर्ज हो सकें और कोई भी मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। अखिलेश ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी है, उपकरणों की स्थिति खराब है और सरकार न तो अस्पतालों को ठीक से चला पा रही है और न ही मेडिकल कॉलेजों को व्यवस्थित कर पा रही है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मंडियों का ढांचा बिखर चुका है, किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और बिचौलियों द्वारा सस्ती खरीद का सिलसिला लगातार जारी है। युवाओं की बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार देने में भाजपा सरकार पूरी तरह विफल है, महंगाई और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ते जा रहे हैं और आम जनता की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इधर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भी एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के 1,62,486 पोलिंग स्टेशनों पर पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई जाए। बीएलओ द्वारा वर्ष 2003 की मतदाता सूची ऑनलाइन उपलब्ध कराने, घर-घर जाकर गणना-प्रपत्र की दो प्रतियां बांटने तथा मतदाताओं से अनावश्यक दस्तावेज मांगने वाले बीएलओ पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन श्यामलाल पाल के निर्देश पर केके श्रीवास्तव और राधेश्याम सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा।

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