पटनाl चुनाव के नतीजों के बाद चुनावी माहौल में नई हलचल तब बढ़ गई जब देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने वोटिंग प्रक्रिया और परिणामों पर गंभीर सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि इस बार के चुनाव में जो वोटिंग रुझान सामने आए, वे जमीनी स्तर पर मिली प्रतिक्रिया से बिल्कुल मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि कई स्थानों पर मतदाताओं की राय, स्थानीय माहौल और राजनीतिक हवा जैसी चीज़ें बिल्कुल अलग संकेत दे रही थीं, जबकि ईवीएम और परिणामों में इसका उल्टा नजर आया। प्रशांत किशोर ने कहा कि “वोटिंग प्रक्रिया में कुछ ऐसा हुआ है, जो समझ से बाहर है। कई बूथों पर वोटिंग प्रतिशत और वोटों का पैटर्न जमीन पर मिले वास्तविक फीडबैक जैसा बिल्कुल नहीं था।”
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के आखिरी दिनों में सरकार ने एक बड़ा वित्तीय निर्णय लिया, जिसने चुनाव को प्रभावित किया। उनके अनुसार, मतदान से पहले 50 हजार महिलाओं को जीविका दीदी योजना के तहत 10-10 हजार रुपये भेजे गए, जिससे वोटरों पर सीधा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अंतिम समय में पैसा भेजना चुनावी माहौल को प्रभावित करता है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। PK के मुताबिक, जब अचानक महिलाओं के खातों में इतने पैसे आते हैं तो यह स्वाभाविक है कि उनकी राजनीतिक पसंद प्रभावित होती है, और यही इस चुनाव के नतीजों में साफ दिखा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में लालू प्रसाद यादव का डर भी एक बड़ा फैक्टर रहा। लोगों के बीच यह धारणा बनी रही कि अगर RJD की सरकार वापस आई तो राज्य में पुराने दिनों जैसा ‘जंगलराज’ लौट सकता है। इस मनोवैज्ञानिक डर ने भी मतदाताओं के निर्णय को गहराई से प्रभावित किया और काफी लोगों ने स्थिरता और सुरक्षा के नाम पर एनडीए के पक्ष में मतदान किया। किशोर का कहना है कि जमीनी फीडबैक में यह डर साफ दिख रहा था और कई लोगों ने निजी बातचीत में इसे खुलकर स्वीकार भी किया।
प्रशांत किशोर ने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव के नतीजों में जो एकतरफ़ा झुकाव दिखा और जो वोटिंग पैटर्न सामने आए, वे सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं लगते। उन्होंने कहा कि “कई आंकड़े और रुझान वास्तविकता से मेल नहीं खाते, कुछ ऐसा जरूर हुआ है जिसे समझने और जांचने की जरूरत है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और अब यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।





