दिल्ली बम धमाका केस: रिहाई के बाद बोले डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर—”मैं पूरी तरह निर्दोष, मानसिक रूप से बेहद थका हुआ हूं”

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कानपुर: दिल्ली बम धमाका मामले में संदिग्ध के रूप में हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा किए गए हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) के डीएम छात्र डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर ने इंस्टिट्यूट को भेजे व्हाट्सऐप संदेश में अपनी पूरी बात विस्तार से रखी है। श्रीनगर निवासी डॉ. मीर ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उन्हें 17 नवंबर को बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि लगातार कई दिनों तक चली पूछताछ और मानसिक दबाव के कारण वह अभी कॉलेज आने की स्थिति में नहीं हैं।

डॉ. आरिफ मीर कार्डियोलॉजी विभाग में डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) कर रहे हैं। उन्होंने एक अगस्त 2025 को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में नीट-एसएस–2025 काउंसिलिंग के जरिए प्रवेश लिया था। पढ़ाई के दौरान ही उनका नाम दिल्ली बम धमाके की जांच में सामने आया और 12 नवंबर की सुबह यूपी एटीएस ने उन्हें अशोक नगर स्थित उनके किराए के घर से उठाया था। गिरफ्तारी के बाद से ही संस्था में हलचल मच गई थी।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को शक था कि आरिफ मीर की बातचीत कुछ ऐसे लोगों से होती थी, जो संदिग्ध गतिविधियों के तहत निगरानी में थे। इसमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्रवक्ता रहीं डॉ. शाहीन और कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ संपर्क की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि आधिकारिक रूप से इन संपर्कों की प्रकृति या उनकी भूमिका के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया।

लगातार पूछताछ के बाद एनआईए ने सबूतों के अभाव में 17 नवंबर को डॉ. मीर को रिहा कर दिया। रिहाई के बाद उन्होंने सबसे पहले हृदय रोग संस्थान को संदेश भेजकर अपना पक्ष रखा। अपने लंबा संदेश में उन्होंने लिखा कि वह मानसिक रूप से बेहद थक चुके हैं और कुछ समय तक कॉलेज नहीं आ पाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और उन्हें सिर्फ संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए ले जाया गया था।

संस्थान प्रशासन ने फिलहाल उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें कुछ दिनों की राहत देने का निर्णय लिया है। वहीं, सहकर्मियों और डॉक्टरों के बीच भी इस पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा जारी है। कई डॉक्टरों का कहना है कि अचानक हुई गिरफ्तारी से संस्थान के माहौल पर भी असर पड़ा है, लेकिन रिहाई के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।

दिल्ली बम धमाके की जांच अभी भी जारी है, और एजेंसियां अन्य संदिग्ध लिंक की तलाश में जुटी हैं। वहीं, डॉ. मीर ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में उनकी पढ़ाई और करियर पर इस घटना का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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