फ़र्रूखाबाद। फ़तेहगढ़ कचहरी से जुड़ा एक और बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कचहरी में सक्रिय एक कुख्यात वकील अवधेश मिश्रा ने अपनी ही कथित “विषकन्या” के माध्यम से पत्रकार अजय चौहान, एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, और केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक को झूठे गैंगरेप केस में फंसवाया, और बाद में पीड़ितों से रंगदारी की मांग की।
घटना के बाद अब एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें युवती और वकील के बीच कचहरी में मुलाकात और साजिशन बयान की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और पीड़ितों ने न्याय की गुहार लगाई है।
पत्रकार अजय चौहान ने बताया कि
उन्हें एक सोची-समझी योजना के तहत युवती के माध्यम से गैंगरेप केस में फंसाया गया,
उनके परिवार पर सामाजिक दबाव बनाया गया,
और फिर वकील अवधेश मिश्रा की ओर से रंगदारी की मांग की गई।
पीड़ित पत्रकार का कहना है कि यह पूरा गिरोह पहले झूठा केस दर्ज कराता है, फिर पीड़ितों से मोटी रकम वसूलने का दबाव बनाता है।
सूत्रों के अनुसार, इसी युवती द्वारा
एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य,
और केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक
पर भी इसी तरह के फर्जी गैंगरेप आरोप लगाए गए।
परिजनों का आरोप है कि वकील अवधेश मिश्रा स्वयं इन मामलों को तैयार करवाता है और फिर पीड़ितों को अदालत, पुलिस और समाज के डर से पैसे देने पर मजबूर करता है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो में युवती और वकील के बीच फतेहगढ़ कचहरी में मुलाकात और केस से जुड़े “निर्देश” की बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
इस पूरे प्रकरण में पत्रकार परिवार, संबंधित शिक्षकों, और स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि जब तक ऐसे गिरोह पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक और लोग इस जाल में फंसते रहेंगे।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस महानिदेशक (DGP), जिलाधिकारी,एसपी फ़तेहगढ़, और न्यायालय से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो, मामले में दर्ज मुकदमों और गिरोह की गतिविधियों की गहराई से जांच कराई जाए।


