156 पदों का उच्चीकरण मंजूर, न्याय विभाग ने आदेश जारी किया
लखनऊ| प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निजी सचिव संवर्ग में लंबे समय से लंबित पुनर्गठन की प्रक्रिया को मंजूरी देते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य न्यायाधीश द्वारा प्रस्तावित 156 अपर निजी सचिव पदों को निजी सचिव ग्रेड-एक में उच्चीकृत करने के साथ ही कुल 446 पदों के विस्तृत विभाजन को औपचारिक स्वीकृति दे दी गई है। इसी क्रम में न्याय विभाग के प्रमुख सचिव ने शुक्रवार को इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी कर दिया, जिसमें प्रत्येक ग्रेड के पुनर्निर्धारित पदों की संख्या स्पष्ट की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, निजी सचिव संवर्ग में नव-विभाजन के बाद निजी सचिव ग्रेड-एक के पद अब बढ़कर 209 हो गए हैं। इसके अलावा सहायक निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-दो के 115 पद, उप निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-तीन के 87 पद, संयुक्त निबंधक सह निजी सचिव ग्रेड-चार के 28 पद तथा निबंधक सह प्रमुख निजी सचिव के सात पद निर्धारित किए गए हैं। यह पुनर्गठन उच्च न्यायालय में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, कार्यप्रवाह को सरल बनाने और न्यायिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि निजी सचिव संवर्ग में उच्चीकरण और पुनर्विन्यास से न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों को बेहतर कैरियर प्रगति के अवसर भी प्राप्त होंगे। न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से न्यायालय की प्रशासनिक संरचना और अधिक प्रभावी होगी तथा कार्यों के सुव्यवस्थित निष्पादन में सुविधा मिलेगी।




