मेरठ। जिले में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान के दौरान फर्जी वोटर का बड़ा मामला सामने आया है। जागृति विहार के दो मतदाताओं—राकेश कुमार त्यागी और उनके पड़ोसी गोपाल—के नाम पर विभिन्न जनपदों में दर्जनों वोट मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार राकेश त्यागी के चार अलग-अलग जिलों में कुल 36 वोट, जबकि गोपाल के 33 वोट कई जिलों में दर्ज पाए गए हैं। बीएलओ द्वारा बारकोड स्कैन करने पर यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
जागृति विहार सेक्टर-8 स्थित प्राथमिक विद्यालय में गणना प्रपत्र जमा करने पहुंचे दोनों मतदाताओं ने जब बीएलओ से अपने फॉर्म का ऑनलाइन ब्योरा दर्ज कराने को कहा, तो स्कैन में सामने आया कि उनके वोट मेरठ, प्रतापगढ़, अलीगढ़, मथुरा समेत कई जनपदों में मौजूद हैं। मतदाता का नाम, पिता का नाम व फोटो एक ही दिखे, लेकिन पता अलग-अलग दर्ज था। आशंका है कि सिमकार्ड आदि लेते समय दिए गए आधार कार्ड की प्रतियों का दुरुपयोग कर फर्जी वोट बनाए गए हैं।
इस खुलासे के बाद बूथ पर अपने-अपने फॉर्म के बारकोड चेक कराने वालों की भीड़ लग गई। बीएलओ निशा शर्मा ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी है। उनका कहना है कि दोनों मतदाता अनावश्यक रूप से विवाद बढ़ा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। यह मामला निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
इधर, एसआईआर सर्वे कर रही महिला बीएलओ सविता पर परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अमीनाबाद उर्फ बड़ा गांव में हमला कर दिया गया। गांव निवासी ललित उर्फ राजू ने वेरिफिकेशन के दौरान फॉर्म भरने से इनकार किया और कहासुनी में डंडे से हमला कर बीएलओ को घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बीएलओ सविता परिषदीय विद्यालय में सहायक शिक्षिका हैं और बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रही थीं।
एसआईआर को लागू कराने में जिला प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है। 27 लाख मतदाताओं में से अब तक केवल 1.13 लाख ही गणना प्रपत्र जमा कर पाए हैं, जबकि 97 फीसदी फॉर्म बीएलओ पहले ही वितरित कर चुके हैं। कई मतदाता फॉर्म वापस जमा नहीं कर रहे, जिसके बाद प्रशासन गली-मोहल्लों में वालंटियर तैनात करने की तैयारी कर रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने स्पष्ट कहा है कि जिन मतदाताओं को गणना प्रपत्र मिल चुका है, वे 3 दिनों के अंदर बीएलओ को फॉर्म जमा कर दें। नई मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए यह अनिवार्य है। यदि किसी मतदाता का नाम कई स्थानों पर दर्ज है, तो वह केवल एक ही गणना प्रपत्र जमा करे। एक से अधिक स्थानों पर फॉर्म जमा करने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।


