रामपुर| पैन कार्ड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को अब रामपुर जेल की बैरक नंबर एक में शिफ्ट कर दिया गया है। कोर्ट से सात साल की सजा सुनाए जाने के ठीक बाद कड़ी सुरक्षा के बीच आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल ले जाया गया, जहाँ दोनों को बैरक नंबर एक में रखा गया है। यह बैरक जेल का सबसे सुरक्षित हिस्सा मानी जाती है, जहां लंबी सजा पाए कैदियों को रखा जाता है।
जेलर सुनील सिंह के अनुसार बैरक नंबर एक पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों से लैस है और यहां चौबीस घंटे निगरानी रहती है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आजम खां को इसी बैरक में रखा गया है ताकि किसी भी परिस्थिति में उनकी सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित रहे।
55 दिन की आज़ादी के बाद आजम खां एक बार फिर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। बेटे अब्दुल्ला आजम भी उन्हीं के साथ इसी बैरक में मौजूद हैं। जेल परिसर में दोनों की एंट्री को लेकर सुरक्षा अतिरिक्त सतर्कता के साथ की गई। अदालत के आदेश के बाद रामपुर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, जबकि पुलिस और प्रशासन हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है।




