लखनऊ| पावर कॉरपोरेशन की समीक्षा बैठक में संविदाकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए। पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने स्पष्ट किया कि कोई भी संविदाकर्मी यदि बिना सुरक्षा उपकरण के कार्य करते पाया गया तो उसे तुरंत बर्खास्त किया जाएगा। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में अधिशासी अभियंता तक की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। चेयरमैन ने कहा कि सभी डिस्कॉम में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध हैं और अनुरक्षण कार्य इन्हें पहनकर ही किए जाएं।
बैठक में 1 दिसंबर से शुरू होने वाली बिजली बिल राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बताया कि यह योजना नेवर पेड, लॉन्ग अनपेड उपभोक्ताओं और बिजली चोरी से जुड़े मामलों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसके लिए मुनादी, जिला प्रशासन की मदद, मीटर रीडर, फीडर मैनेजर, पंपलेट, अखबार, सोशल मीडिया, कॉलर ट्यून और वॉट्सऐप संदेशों के जरिए अधिक से अधिक पंजीकरण कराने को कहा गया।
डॉ. गोयल ने ट्रांसफॉर्मर क्षति रोकने, राजस्व वसूली बढ़ाने और सोलर रूफटॉप से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। बैठक में दक्षिणांचल डिस्कॉम के निदेशक तकनीकी और निदेशक वाणिज्य को बिना तैयारी के आने पर चेतावनी जारी करने को कहा गया।
उधर, निजीकरण प्रस्ताव में गलत आंकड़ों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इसे रद्द करने की मांग उठाई है। समिति ने मुख्य सचिव एस.पी. गोयल से आग्रह किया है कि निजीकरण प्रस्ताव पर सहमति न दी जाए। संयोजक शैलेंद्र दुबे ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का टेंडर जारी होता है तो बिजली कर्मचारी जेल भरो आंदोलन शुरू कर देंगे।





