पाकिस्तान की तीन यात्राओं का खुलासा; मेडिकल कॉलेजों पर बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी
कानपुर। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद मॉड्यूल की अहम सदस्य बताई जा रही डॉ. शाहीन को लेकर जांच एजेंसियों को बड़े सुराग मिले हैं। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट पाए गए हैं, जिनमें दर्ज पते और अभिभावकों के नाम भी अलग-अलग हैं। सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई है कि उन्हीं पासपोर्टों के आधार पर वह तीन बार पाकिस्तान और छह बार अन्य विदेशी देशों की यात्राएं कर चुकी है।
जांच में पता चला है कि एक पासपोर्ट जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर, दूसरा लखनऊ, और तीसरा फरीदाबाद के पते पर बना है। इसके अलावा एक पासपोर्ट में पिता, दूसरे में पति और तीसरे में भाई का नाम अभिभावक के रूप में दर्ज है। नवीनतम पासपोर्ट में उसने अपने भाई डॉ. परवेज अंसारी को अभिभावक दिखाया है, जिसमें पता इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, लखनऊ कैंपस का दर्ज है। बताया गया है कि डॉ. परवेज इसी यूनिवर्सिटी में कार्यरत था।
डॉ. शाहीन की संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने के बाद फरीदाबाद में विस्फोटक बरामदगी और फिर दिल्ली बम धमाके के मामले में गिरफ्तार होने पर एजेंसियां अब कानपुर मेडिकल कॉलेज से लेकर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी तक विस्तृत जांच कर रही हैं। डॉ. परवेज अंसारी से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है तथा दोनों के विदेश यात्राओं का पूरा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2013 में कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद डॉ. शाहीन थाईलैंड गई थी, जबकि उसका भाई वर्ष 2021 से पहले तीन वर्षों तक मालदीव में रहा है। यह यात्राएं और इनके बीच हुई गतिविधियां अब जांच का मुख्य हिस्सा हैं।
इस पूरे नेटवर्क के उजागर होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा भी एजेंसियों के रडार पर आ गई है। शाहीन और डॉ. आरिफ के कनेक्शन के बाद कॉलेज में कार्यरत दो से तीन डॉक्टरों की जांच शुरू की गई है। जानकारी के अनुसार, इन डॉक्टरों की जीवनशैली, रहन-सहन, पहनावा और व्यवहार में पिछले कुछ समय से अचानक बदलाव देखा गया है।
सूत्रों के मुताबिक ये डॉक्टर पहले अत्यंत सामाजिक थे, लेकिन हाल के वर्षों में इनका लोगों से मिलना-जुलना कम हो गया है। एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के बदलावों के पीछे किसी विशेष गतिविधि या संगठन से जुड़ाव की संभावना हो सकती है। जांच टीमें मेडिकल कॉलेज में इनके दस्तावेज, छुट्टी रिकॉर्ड, निवास स्थल और परिवारजनों के स्थानों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
फरीदाबाद मॉड्यूल के खुलासे के बाद जांच तेज हो गई है और एजेंसियां अब मेडिकल संस्थानों से लेकर निजी नेटवर्क तक सभी संभावित कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।





