पटना| राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में चल रहे विवाद ने बिहार की सियासत को गहराई तक हिला दिया है। लालू प्रसाद की बेटी और सारण से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्य द्वारा राजनीति और परिवार दोनों से दूरी बनाने की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरण बनने लगे हैं। इस विवाद पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की ओर से आई, जिन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति द्वारा परिवार में दरार डालने की कोशिश की जा रही है। जिस बेटी ने अपने पिता की जान बचाने के लिए किडनी दान की, उसी को परिवार से बाहर किए जाने की बात दुखद है। जायसवाल ने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी से अपील की कि वे अपने परिवार को टूटने से बचाएं और स्थिति को गंभीरता से लें।
उधर, जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी रोहिणी के संदर्भ में कहा कि एक बेटी, जिसने अपने पिता की जिंदगी बचाई, उसका अपमान हमारी सामाजिक परंपरा नहीं है। उन्होंने लालू और राबड़ी की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि यह दूसरी बार है जब परिवार में किसी बहू-बेटी के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है—पहले ऐश्वर्या और अब रोहिणी। नीरज कुमार ने चेतावनी दी कि इन आंसुओं की कीमत लालू यादव को भारी पड़ सकती है और उन्हें ‘धृतराष्ट्र’ नहीं बनना चाहिए, बल्कि दोषी को बेनकाब करना चाहिए।
इस बीच, जदयू एमएलसी खालिद अनवर ने अलग ही सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि रोहिणी सिंगापुर से बिहार की राजनीति करने क्यों आईं? यदि वे सिर्फ इसलिए राजनीति में आई हैं क्योंकि वे लालू यादव की बेटी हैं, तो पारिवारिक विवादों को सार्वजनिक कर सहानुभूति पाने की कोशिश से कोई फायदा नहीं मिलने वाला।
रोहिणी आचार्य के बयान ने बिहार की राजनीति में नई उथल-पुथल ला दी है और अब सभी की निगाहें लालू प्रसाद व राबड़ी देवी की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, क्योंकि मामला अब सिर्फ परिवार का नहीं, बल्कि राजनीतिक भविष्य का भी हो चुका है।
गालियां दी गईं, चप्पल उठाई गई, मुझे मायके से बेदखल कर अनाथ बना दिया: रोहिणी आचार्य
पटना| राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी और सारण से चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी आचार्य ने एक्स पर एक और भावनात्मक पोस्ट डालकर राजनीतिक गलियारे में नई हलचल पैदा कर दी है। रोहिणी ने रविवार को अपने ताजा बयान में आरोप लगाया कि शनिवार को उन्हें एक बेटी, बहन, शादीशुदा महिला और मां होने के बावजूद जलील किया गया, गंदी गालियां दी गईं और उन पर चप्पल उठाई गई।रोहिणी ने शनिवार को ही यह घोषणा की थी कि वे राजनीति और अपने परिवार दोनों से दूरी बना रही हैं। रविवार के पोस्ट में उन्होंने इस फैसले के पीछे की पीड़ा उजागर करते हुए लिखा, “मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया। सिर्फ इसी वजह से मुझे अपमान सहना पड़ा।उन्होंने आगे बताया कि मजबूरी में उन्हें अपने रोते हुए मां-बाप और बहनों को छोड़कर जाना पड़ा। “मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया, मुझे अनाथ बना दिया गया,” रोहिणी ने दुख प्रकट करते हुए कहा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसी स्थिति का सामना कभी न करें और किसी घर में ‘रोहिणी जैसी बेटी या बहन’ पैदा न हो।रोहिणी के इस भावनात्मक बयान के बाद लालू परिवार के भीतर चल रहे मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं और पूरा मामला अब सियासी चिंता का विषय बन गया है।






