लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। नवंबर के दूसरे सप्ताह में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और रात के समय हल्की सिहरन और कोहरे की परत ने मौसम में ठंडक घोल दी है, जबकि दिन में निकल रही धूप अब सर्द हवाओं के आगे फीकी पड़ने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तीन से चार दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन अगर पछुआ हवाओं का रुख यूं ही बना रहा, तो अगले सप्ताह से ठंड और बढ़ेगी।
प्रदेश के कई जिलों बाराबंकी, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, आगरा और सोनभद्र में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। पश्चिमोत्तर दिशा से चल रही पछुआ हवाओं के चलते रातें और ठंडी हो गई हैं। कुछ इलाकों में सुबह कोहरे की पतली चादर भी देखने को मिली, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में तराई और पूर्वांचल के जिलों में कोहरा बढ़ने की संभावना है, हालांकि दिन में धूप बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में पश्चिमी हिमालय में हुई बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
राजधानी लखनऊ में भी देर शाम से ठंडी पछुआ हवाओं ने सिहरन बढ़ा दी। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का यही असर बना रहेगा और सुबह-शाम हल्के कोहरे के साथ तापमान में धीरे-धीरे और गिरावट हो सकती है।
मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। बाजारों में भी स्वेटर, जैकेट और हीटर की बिक्री बढ़ने लगी है। हालांकि दोपहर में हल्की धूप अब भी राहत देती है, लेकिन सुबह और रात में सर्द हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है।






