लखनऊ। सपा सरकार में पूर्व खनन मंत्री रहे और वर्तमान में सजायाफ्ता बंदी गायत्री प्रसाद प्रजापति को राज्य सरकार ने एक माह की पैरोल (दंड का अस्थायी निलंबन) मंजूर कर दी है। यह राहत उन्हें अपने भाई और बहन के इलाज के लिए दी गई है। शासनादेश के अनुसार, पैरोल अवधि पूरी होने पर उन्हें नियत तिथि पर पुनः जेल में उपस्थित होना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
गायत्री प्रसाद प्रजापति इन दिनों जिला कारागार में एक कैदी के हमले में घायल होने के बाद से बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि जेल में हुए विवाद के दौरान एक कैदी ने रॉड से हमला कर दिया था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें केजीएमयू लाया गया था, जहां से बाद में उन्हें बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया।
शासनादेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पैरोल अवधि को सजा की अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा। साथ ही, इस दौरान गायत्री प्रसाद प्रजापति को शांति बनाए रखनी होगी, अच्छे आचरण का पालन करना होगा और अपने निवास स्थान के थाने में उपस्थिति की सूचना देनी होगी।
गायत्री प्रसाद प्रजापति को यह पैरोल उनके बड़े भाई अमेठी जनपद के ग्राम परसांवा निवासी छेदीराम तथा छोटी बहन धनपति के उपचार के लिए दी गई है। आदेश में यह भी कहा गया है कि पैरोल अवधि छह महीने तक मान्य रहेगी और बंदी को दो जमानतों सहित निजी मुचलका दाखिल करना होगा।
पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति लखनऊ जेल में सजा काट रहे हैं और हाल के दिनों में उनकी तबीयत को लेकर भी जेल प्रशासन चिंतित रहा है। फिलहाल उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और पैरोल की अवधि के दौरान उनकी गतिविधियों पर प्रशासनिक स्तर से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





