भारत संविधान से सुदृढ़, बाबा साहेब सच्चे राष्ट्रवादी: सीजेआई गवई

0
29

प्रयागराज। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने शनिवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार कांस्टीट्यूशन एंड कांस्टीट्यूशनलिज्म: द फिलॉसफी ऑफ डॉ. बी.आर. आंबेडकर में कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता के बाद संविधान के कारण सुदृढ़ है, और इसका श्रेय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर को जाता है, जिन्होंने देश की एकता को संविधान के माध्यम से सुनिश्चित किया।
सीजेआई ने कहा कि भारत में आज हर नागरिक के मूलभूत अधिकारों की रक्षा संविधान की बदौलत हो रही है। उन्होंने पड़ोसी देशों पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की स्थिरता और लोकतंत्र की मजबूती का आधार उसका संविधान है।
न्यायमूर्ति गवई ने कहा, देश की सारी समस्याओं का समाधान संविधान में है। यदि संविधान स्ट्रक्चर है, तो संवैधानिकता उसकी आत्मा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिकता इस विश्वास पर आधारित है कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि लोगों के प्रति जवाबदेह रहेंगे।
कोलेजियम सिस्टम पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कहना गलत है कि भारत में केवल जज ही जजों की नियुक्ति करते हैं। इस प्रक्रिया में सरकार की भागीदारी भी होती है।
उन्होंने अमेरिकी संविधान से तुलना करते हुए कहा कि वहां दोहरी नागरिकता का प्रावधान है, जबकि भारत में बाबा साहेब की दृष्टि से एक ही नागरिकता है, जो देश को एक सूत्र में पिरोती है।
सीजेआई ने अपने संबोधन में केशवानंद भारती केस और मेनका गांधी बनाम संघ केस का उल्लेख करते हुए कहा कि ये निर्णय संविधान की आत्मा को मजबूत करने वाले रहे हैं। उन्होंने सभी से संवैधानिक मूल्यों के प्रति सजग रहने और उन्हें जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने प्रधान न्यायाधीश की न्यायिक यात्रा की चर्चा की और कहा कि कांस्टीट्यूशनलिज्म का अर्थ है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है, यहां तक कि उसे लागू कराने वाले भी नहीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. आंबेडकर को कांस्टीट्यूशन का चीफ आर्किटेक्ट बताया और कहा कि उनके विचारों से ही रूल ऑफ लॉ की मजबूत नींव रखी गई।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति कृष्णमुरारी को बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री प्रदान की गई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, आज मैं फाइनली ला ग्रेजुएट हुआ।
इससे पहले प्रधान न्यायाधीश गवई ने सुबह कौशांबी में जस्टिस विक्रम नाथ के पूर्वजों द्वारा स्थापित महेश्वरी प्रसाद इंटर कॉलेज के वार्षिकोत्सव में भाग लिया और कहा कि मनुष्य को अपनी मिट्टी से सदैव जुड़ाव रखना चाहिए।शिक्षकों से उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में पूर्ण समर्पण के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here