लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अपनी राजनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। शनिवार को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछड़ा वर्ग भाईचारा संगठन की एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें संगठन को मज़बूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की रणनीति तय की गई।बैठक में प्रदेशभर से लगभग 250 पदाधिकारी, जिनमें बामसेफ के 75 जिला पदाधिकारी भी शामिल थे, मौजूद रहे। बैठक करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक सुर में संकल्प दोहराया 2027 में बहनजी को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाना हमारा लक्ष्य है।बैठक में संगठन विस्तार, बूथ स्तर तक पहुंच और पिछड़े वर्ग के बीच बसपा की पकड़ मजबूत करने पर जोर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, मायावती ने पदाधिकारियों से कहा कि वे जनता के बीच जाएं, पार्टी की नीतियों को समझाएं और विपक्षी दलों की “भ्रामक राजनीति” का जवाब जनता के बीच तथ्यात्मक रूप से दें।हालांकि, इस बैठक में बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद शामिल नहीं हुए, जिससे राजनीतिक गलियारों में उनकी अनुपस्थिति को लेकर चर्चा तेज रही।मायावती ने कहा कि बसपा की राजनीति हमेशा सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की रही है, और पार्टी सामाजिक न्याय के अपने मूल सिद्धांत से कोई समझौता नहीं करेगी। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बूथवार रणनीति तैयार करने की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।





