फर्रुखाबाद। लगातार चार दिन से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में भरे पानी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। जिन खेतों में धान की फसल काटकर ढेर लगाए गए थे, वहां पानी भर जाने से धान की बालियों में किल्ले (अंकुर) निकलने लगे हैं। लगातार भीगने से धान की थ्रेसिंग नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का अंदेशा है।ग्रामीण इलाकों में कई किसानों के खेतों में धान के ढेर सड़ने की स्थिति में पहुंच गए हैं। वहीं दूसरी ओर, जिन किसानों ने आलू की गड़ाई के लिए कतरियां (कटा हुआ आलू) तैयार कर ली थीं, वे भी अब सड़ने लगी हैं। बीजशोधन कर सुखाए गए आलू में किल्ला निकल आया है। किसान चिंतित हैं कि जब तक खेत सूखकर जुताई के लायक होंगे, तब तक आलू पूरी तरह खराब हो सकते हैं।किसानों का कहना है कि यह समय खेती-किसानी के लिहाज से सबसे अहम होता है। धान की कटाई और आलू की बोआई का यही उपयुक्त मौसम है, लेकिन लगातार बरसात ने सारा शेड्यूल बिगाड़ दिया है। खेतों में खड़ा पानी और कीचड़ के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा है।
लगातार बरसात से किसान आर्थिक संकट की आशंका में हैं और मौसम खुलने की दुआ कर रहे हैं ताकि फसलें बचाई जा सकें और बुआई का काम फिर से शुरू हो सके।





