लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट की तर्ज पर अब राजधानी लखनऊ का गोमतीनगर रेलवे स्टेशन भी निजी हाथों में संचालित किया जाएगा। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) की ओर से जल्द टेंडर जारी कर एक प्राइवेट एजेंसी का चयन किया जाएगा, जो स्टेशन की टिकटिंग, सफाई, खानपान, पार्किंग और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभालेगी। वहीं ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा की निगरानी रेलवे के पास ही रहेगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला स्टेशन होगा जिसकी कमान निजी एजेंसी को सौंपी जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम गौरव अग्रवाल ने बताया कि गोमतीनगर स्टेशन को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण का कार्य तेजी से जारी है। स्टेशन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिसमें एसी लाउंज, फूड प्लाजा, मॉल और 775 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था शामिल है। यात्रियों के आगमन की व्यवस्था फर्स्ट फ्लोर से और निकासी ग्राउंड फ्लोर से होगी, जिससे भीड़भाड़ कम रहेगी और यातायात सुगम बनेगा।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, लखनऊ जंक्शन से चलने वाली कई प्रीमियम ट्रेनें जैसे पुष्पक एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, शताब्दी और डबलडेकर एक्सप्रेस को गोमतीनगर स्टेशन पर शिफ्ट करने की योजना है। इससे जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सुरक्षा व्यवस्था में भी नया ढांचा तैयार किया गया है। स्टेशन परिसर, प्रवेश द्वार, और सर्कुलेटिंग एरिया की सुरक्षा निजी एजेंसी के गार्डों के हवाले होगी, जबकि आरपीएफ केवल प्लेटफॉर्म और ट्रेनों की सुरक्षा देखेगी। आरएलडीए न केवल स्टेशन विकास बल्कि प्राइवेट एजेंसी की निगरानी और संचालन व्यवस्था पर भी नजर रखेगा।
गोमतीनगर रेलवे स्टेशन का यह नया स्वरूप लखनऊ के यात्री अनुभव को बदलने वाला साबित होगा, जहां रेल सेवाएं अब एयरपोर्ट जैसी आधुनिक और सुविधाजनक होंगी।





