नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों—नोएडा, गाजियाबाद, वजीरपुर, आनंद विहार और पटपड़गंज—में गुरुवार दोपहर वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सुबह से ही पूरे क्षेत्र पर धुंध की गहरी चादर छाई हुई है। सूर्य की किरणें जमीन तक नहीं पहुंच पा रहीं, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। इस बीच लोगों की आंखों में जलन और गले में चुभन जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 11 बजे विवेक विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 423, आनंद विहार में 413, वजीरपुर में 408 और द्वारका सेक्टर-8 में 318 दर्ज किया गया। यह सभी “बेहद खराब” से “गंभीर” श्रेणी में आते हैं। वहीं, बुधवार को जहां राजधानी की हवा का स्तर 279 था, वहीं गुरुवार को यह 400 पार पहुंच गया।
सीपीसीबी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से हवा “खराब” श्रेणी में बनी हुई थी, लेकिन अब यह “बेहद खराब” स्तर पर पहुंच चुकी है। वायु गुणवत्ता में आई इस गिरावट के कारण शहर के कई हिस्सों में दृश्यता कम हो गई है, जिससे ट्रैफिक पर भी असर पड़ा है।
वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, दिल्ली का “वेंटिलेशन इंडेक्स” 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड के अनुकूल स्तर से नीचे गिर गया है। यह सूचकांक बताता है कि वायुमंडल में प्रदूषकों को फैलाने की क्षमता कितनी है। 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रफ्तार की कमजोर हवाओं और घने कोहरे ने प्रदूषकों को ऊपर उठने से रोक दिया है, जिसके कारण स्मॉग और गहरा हो गया है।
प्रदूषण नियंत्रण विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 48 घंटे दिल्लीवासियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। सरकार और सीपीसीबी ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक बाहर न निकलें और मास्क का उपयोग करें।






