नई दिल्ली| सूर्य उपासना के महापर्व छठ का आज विधिवत समापन हो गया। देशभर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को ‘उषा अर्घ्य’ अर्पित किया। बिहार सहित उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और दिल्ली में लाखों श्रद्धालु तड़के से ही नदी, तालाब और घाटों पर उमड़ पड़े। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने विशेष इंतज़ाम किए। जगह-जगह प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और स्वास्थ्य शिविर लगाए गए ताकि कोई असुविधा न हो।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित अपने आवास पर छठ पूजा के अंतिम दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर देशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की हमारी भव्य परंपरा के दिव्य दर्शन हुए। समस्त व्रतियों और श्रद्धालुओं सहित पावन पर्व का हिस्सा बने अपने सभी परिवारजनों का हृदय से अभिनंदन! छठी मइया की असीम कृपा से आप सभी का जीवन सदैव आलोकित रहे।”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना स्थित अपने आवास पर परिवार सहित छठ पूजा की और कहा कि छठी मैया ने बिना मांगे बहुत कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि जिस विकसित बिहार का सपना हम देखते हैं, उसमें हर परिवार में खुशहाली और समृद्धि आए, यही मेरी कामना है। बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जयसवाल ने किशनगंज में उगते सूर्य को अर्घ्य दिया और कहा कि यह आस्था का पर्व लोगों के बीच प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है। हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने भी श्रद्धा और भक्ति से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया, वहीं पटना के एजी कॉलोनी पार्क में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छठ व्रतियों के साथ पूजा में हिस्सा लिया और समाज की उन्नति की कामना की।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर में छठ पूजा में भाग लिया और प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारी माताओं-बहनों की कठिन तपस्या और संकल्प का प्रतीक है, जो परिवार और समाज की समृद्धि के लिए किया जाता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी में उषा अर्घ्य दिया और छठ घाट के विकास के लिए 5 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक नया घाट तैयार हो जाएगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बिहार चुनाव प्रभारी केशव प्रसाद मौर्य ने भी पटना में छठ पूजा में शामिल होकर भगवान सूर्य से देश की खुशहाली की कामना की। देश के सभी प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, भोपाल, जयपुर और लखनऊ में भी छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
छठ पर्व कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, जो हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ होकर सप्तमी तिथि तक चलता है। नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य—इन चार दिनों की श्रृंखला में व्रती कठोर नियमों का पालन करते हैं। आज उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही लोक आस्था का यह महापर्व संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने नदी और तालाबों में कमर तक जल में खड़े होकर दूध, गंगाजल, सुपारी और दीपक से अर्घ्य दिया और अपने परिवार तथा समाज के कल्याण की प्रार्थना की। देशभर में आज का दिन आस्था, भक्ति और समर्पण की भावनाओं से ओत-प्रोत दिखाई दिया।






