फर्रुखाबाद: गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट तरुण कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास (imprisonment) और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव राजारामपुर मेई का है। गांव निवासी ओमप्रकाश यादव पुत्र सरनाम सिंह ने अपने पिता-पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले के अनुसार, 8 मार्च 2015 को ओमप्रकाश का भाई महताब सिंह घर के बाहर बैठा था। तभी गांव के अमर सिंह पुत्र सुमेर, पंची, विलायती और अजब सिंह पुत्रगण अमर सिंह वहां पहुंचे। बताया गया कि सभी लाठी-डंडा और टकोरा लेकर आए थे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए महताब सिंह पर हमला कर दिया।
आरोप है कि विलायती ने टकोरा से वार कर महताब सिंह के सिर पर प्रहार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर अमर सिंह, पंची और अजब सिंह को मामले से मुक्त कर दिया तथा विलायती के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से श्रवण कुमार ने पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयान एवं सबूतों के आधार पर न्यायालय ने विलायती को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह ने विलायती को तीन वर्ष के कारावास की सजा और 12 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया।


