जस्टिस जेजे मुनिर व संजीव कुमार की बेंच ने किया हैवियस कॉर्पस रिट याचिका का निस्तारण, पुलिस अघीक्षक आरती सिंह समेत पुलिस कर्मियों को राहत
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। कायमगंज की श्रीमती प्रीती यादव द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर हैवियस कॉर्पस रिट याचिका के निस्तारण के साथ ही मुकदमें के वांछित अभियुक्त कुख्यात वकील अवधेश मिश्रा को उच्च न्यायालय से कोई राहत नही मिली। जस्टिस जेजे मुनिर व संजीव कुमार की बेंच ने १५ अक्टूवर को पारित आदेश में याचिकाकर्ता के वकील राजेन्द्र कुमार दुबे, संतोष कुमार पाण्डेय व प्रतिवादी के वकील प्रशांत सिंह सरकारी वकील शिवा जी श्रीवास्तव की दलीलों की सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया है।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद में हैवियस कॉर्पस रिट याचिका सुनवाई के दौरान कोतवाली फतेहगढ में अजय चौहान द्वारा ११ अक्टूवर को दर्ज कराये गये मुकदमें में बांछित अभियुक्त अवधेश मिश्रा ने याचिकाकर्ता के हाईकोर्ट अधिवक्ता संतोष पाण्डेय की नजदीकियों का फायदा उठाकर उस वक्त न्यायालय में श्री पाण्डेय द्वारा हलफनामा दाखिल कराकर पुलिस की गिरफ्त से राहत पा ली थी, जब उसे फतेहगढ पुलिस ने प्रयागराज में गिरफ्तार कर लिया था और थाना सिविल लाइन में रखा था। अवधेश मिश्रा ने न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया था कि वह याचिकाकर्ता के वकील के रूप में प्रयागराज गया था और पुलिस ने उसे वकील की पोशाक पहने हुए मिलने के बाबजूद भी पकड लिया जबकि बीते शनिवार को दर्ज मुकदमें के बाद तलाश करने पुलिस उसके पालीवाल गली भोलेपुर स्थित आवास पर गई थी। लेकिन वह फरार होने में कामयाब हो गया था। पुलिस ने इंद्रा कालौनी फतेहगढ स्थित उसके साथी वकील शैलेन्द्र सिंह बडे को गिरफ्तार किया था और शांतिभंग में उसका चालान भी कर दिया था। अवधेश मिश्रा ने अपने गुर्गो से सोशल मीडिया पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह के लिए भी अनर्गल प्रचार कराया और यह भी प्रसारित कराया कि मुकदमा छह दिन तक छिपया गया, जबकि फतेहगढ कोतवाली पुलिस ने उसके साथी शैलेन्द्र सिंह को हिरासत में लेने के बाद चालानी रिपोर्ट न्यायलय दाखिल की थी। जिसमें दर्ज मुकदमें का हवाला था, हां तकनीकि खामियों के चलते मुकदमा पुलिस की वेवसाइड पर अपलोड नही हो सका था। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा उसे राहत दी गई और दर्ज मुकदमें में स्टे दे दिया गया इस बात का झूठा प्रचार अवधेश मिश्रा के कचहरी स्थित साथी सोशल मीडिया के जरिए करके प्रशासन का ध्यान हटाने का कुचक्र रचे थे, लेकिन गुरूवार को उच्च न्यायालय का आदेश सामने आने के बाद साफ हो गया कि शातिर अवधेश मिश्रा को उच्च न्यायालय द्वारा कोई राहत नही मिली है। बताया जाता है कि उस पर करीब १० मुकदमें दर्ज हैं।
सोशल मीडिया पर अपराधी के समर्थकों पर खाकी की नजर
फर्रुखाबाद। माफिया अनुपम दुबे और संजीव पारिया के गैंग के संरक्षक व संचालक वलात्कार के झूठे मुकदमों के स्पेशलिस्ट शातिर वकील अवधेश मिश्रा का समर्थन करने और सोशल मीडिया के जरिए पुलिस प्रशासन का मचाक बनाने वालों पर खाकी की पैनी नजर गड़ गई है। वहीं फतेहगढ़ के कुछ अवधेश समर्थकों पर पुलिस की नजर है।
समर्थक झूठी अफवाहें फैलाकर कर रहे थे मीडिया को गुमराह
फर्रुखाबाद। कोतवाली फतेहगढ में दर्ज मुकदमें के फरार आरोपी अवधेश मिश्रा के समर्थक बीते दो दिन से पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह को टारगेट कर झूठी अफवाहें फैलाकर मीडिया को भी गुमराह कर रहे थे। जब कि हैवियस कॉर्पस रिट याचिका में सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को जबाव दाखिल करने के लिए व्यक्तिगत उपस्थित रहने के लिए आदेशित किया था। बाद में अवधेश के वकील द्वारा हलफनामा दिये जाने के कारण जबाव देने के लिए एसपी को दूसरे दिन भी रूकना था।





