Lucknow| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बिहार के दो नामांकन सभाओं और जनसभाओं में शिरकत करने के लिए आए, जहाँ उन्होंने भाजपा के प्रत्याशियों के समर्थन में चुनावी सभाएँ कीं। सुबह 11:45 से 12:20 के बीच दानापुर विधानसभा में आयोजित पहली जनसभा में वे भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रामकृपाल के समर्थन में मौजूद रहे और दूसरे प्रोग्राम में सहरसा विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी आलोक रंजन के लिए भी जनसंपर्क किया। मुख्यमंत्री की इन सभाओं का उद्देश्य वोट बैंक को सक्रिय करना तथा स्थानीय मुद्दों पर भाजपा की विचारधारा और विकास एजेंडा का संदेश देने का था।
योगी ने अपने संबोधनों में बिहार और उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की सरकारों द्वारा लागू की जा रही नीतियाँ दोनों राज्यों के विकास में सहायक हो सकती हैं और इन नीतियों का लाभ आम जनता तक पहुंचाना प्राथमिकता है। जनसभाओं में उन्होंने स्थानीय समस्याओं पर प्रशासनिक तत्परता का भरोसा दिलाते हुए ढांचागत विकास, सड़क, सिंचाई और ग्राम स्तर पर रोज़गार सृजन के वादे दोहराए। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने और मतदान का अधिकार उपयोग करने का आग्रह भी किया।
स्थानीय नेताओं और समर्थकों ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी को उत्साहवर्धक बताया। सभा स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक उपस्थित रहे। चुनावी माहौल में मुख्यमंत्री की यह सक्रियता भाजपा की चुनाव रणनीति की गंभीरता को दर्शाती है। विपक्षी दलों ने हालांकि कहा कि इन सभाओं का लाभ केवल वादों तक सीमित न रहे और कार्यान्वयन पर भी निगरानी होनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी से उम्मीदवारों को स्थानीय चुनावी समर में मजबूती मिलती है, पर असली निर्णायक ताकत मैदान में काम करने वाले संगठन और स्थानीय मुद्दों का प्रभाव होगा।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाएँ कड़ी रखी गईं और कार्यक्रमों का समुचित आयोजन सुनिश्चित करने के लिये स्थानीय प्रशासन सक्रिय रहा। भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने कहा कि उन्होंने आगामी दिनचर्या में और जनसंपर्क कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली है ताकि प्रत्याशियों का जनसंपर्क और मजबूत किया जा सके।





