कारागार विभाग में हड़कंप
संवाददाता, लखनऊ/आजमगढ़:
उत्तर प्रदेश कारागार विभाग में एक बार फिर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। जिला कारागार आजमगढ़ के अधीक्षक आदित्य कुमार को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2024 से लेकर अक्टूबर 2025 तक केनरा बैंक में स्थित जिला कारागार के खाते से लाखों रुपये अवैध रूप से आहरित किए गए। जांच में पाया गया कि कई चेकों पर बिना अनुमति हस्ताक्षर किए गए और रकम को निजी उपयोग तथा संदिग्ध भुगतानों में खर्च किया गया। अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अधीक्षक आदित्य कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है।
धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि शासन की नीति “शून्य सहिष्णुता” की है और कारागार जैसे संवेदनशील विभाग में वित्तीय अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और दोष सिद्ध होने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पूरे कारागार विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में जेल खातों की वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट तत्काल मंगाई है। बताया जा रहा है कि संबंधित बैंक से भी विस्तृत विवरण तलब किया गया है ताकि यह पता चल सके कि धनराशि किन खातों में और किन तिथियों पर स्थानांतरित हुई।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक संगठित वित्तीय घोटाले का हिस्सा हो सकता है। शासन स्तर पर इस पूरे प्रकरण की निगरानी अब प्रत्यक्ष रूप से की जा रही है।


