लखनऊ: राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने गृहकर बकाएदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 500 करोड़ रुपये से अधिक का गृहकर अभी तक निगम के पास बकाया है। नगर निगम प्रशासन ने अब इन बकाएदारों को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में भुगतान न करने पर संपत्तियों की सीलिंग और कुर्की की जाएगी।
सबसे बड़ा बकाएदार भारतीय रेलवे है, जिस पर अकेले 332 करोड़ रुपये का गृहकर बकाया है। इसके अलावा बिजली विभाग पर 77 करोड़, जबकि शहर के प्रसिद्ध लूलू मॉल पर करीब 16 करोड़ रुपये का बकाया है।
मुख्य कर अधिकारी (CTO) ने बताया कि नगर निगम के राजस्व संग्रह को सुदृढ़ करने के लिए यह सख्ती आवश्यक है। इस वित्तीय वर्ष में नगर निगम अब तक 300 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है, लेकिन यह कुल लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस बार किसी भी संस्थान या प्रतिष्ठान को बकाया कर के मामले में छूट नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बकाएदार सरकारी हो या निजी, सभी के खिलाफ एक समान कार्रवाई की जाएगी।
इस मुहिम से उम्मीद की जा रही है कि निगम के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और आने वाले समय में शहर के विकास कार्यों को नई रफ़्तार मिलेगी।






