वकालत की आढ़ में नॉन प्रक्टिशनर कथित वकील अवधेश मिश्रा ने झूठे मुकदमों के बदले रंगदारी बसूल चंद वर्षो में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, आम जनमानस से लेकर आलाधिकारियों तक बन गया था नासूर
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद। शनिवार रात दर्ज मुकदमें में गिरफ्तार करने गई पुलिस को देख छत से कूदकर फरार हुए फतेहगढ़ कचहरी के कुख्यात अवधेश मिश्रा पुत्र संतोष की तलाश में पुलिस ने पूरी रात ताबडतोड छापेमारियां की। लेकिन वह जेएस $गु्रप के चेयरमैन शैलेन्द्र यादव की गाड़ी से बैठ फरार होने में कामयाब हो गया। मिश्रा के ऊपर अब तक आधा दर्जन से ज्यादा संगीन धाराओं में मुकदमें दर्ज है। चंद वर्षो में एक तांगे बाले का लडक़ा होने के बाबजूद उसने जनपद और अन्य बड़े शहरों तक कानपुर के कुख्यात अखिलेश दुबे की तर्ज पर साम्राज्य खड़ा कर लिया।
रंगदारी और गुंडागर्दी से जुड़े एक मामले में दर्ज मुकदमें में फतेहगढ़ पुलिस ने शनिवार शाम अवधेश मिश्रा के आवास पालीवॉल गली भोलेपुर पर जब छापा मारा तो पहले से ही अलर्ट शातिर पुलिस को चकमा देकर अपने करीबी की गाड़ी से फरार होने में कामयाब हो गया। उसकी पत्नी रीता मिश्रा पाठक और पुत्र कृष्णा मिश्रा समेत उसके साले संते व पड़ोस में रह रही उसकी महिला मित्र व उसकी मां ने जब हंगामा काटना शुरू कर दिया और सभी पुलिस पर हमलावर होने लगे तो फिर देखते ही देखते अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर लगाई गई। पुलिस ने घंटों अवधेश मिश्रा को तलाश किया लेकिन वह पुलिस के हाथ से निकल गया।
जिला पंचायत सदस्य बना मददगार
सूत्रों के मुताबिक शातिर सपाई कथित वकील अवधेश मिश्रा पर जब पुलिस ने शनिवार को शिकंजा कसा तो फरार होने के बाद वह अपने एक साथी वकील के मोहल्ले होते हुए मसेनी स्थित अपने साथी जिला पंचायत सदस्य आदित्य सिंह राठौर एके की मदद से फरार हो गया। भरोसे के सूत्रों की मानें तो अवधेश के अति करीबी इसी जिला पंचायत सदस्य ने एक स्थानीय विधायक से भी उसकी पैरवी करने के प्रयास किये। लेकिन वहां से साफ इंकार कर दिया गया।
सूत्र बतातें है कि पुलिस ने अवधेश मिश्रा की धरपकड के लिए ऑपरेशन प्लान तैयार किया है उधर पुलिस ने बीती रात ही अवधेश के करीबी साथी को गिरफ्तार कर उसका शांतिभंग में चालान कर दिया था।
उधर अवधेश की पैरवी में भोलेपुर का ही सपा नेता अरूण कटियार और जिला पंचायत सदस्य समेत माफिया अनुपम दुबे और अवधेश का खास फाइनेंसर छिवरामऊ निवासी विमलेश दुबे सक्रिय हो गये है। पता लगा है कि अवधेश पड़ोसी जनपद कन्नौज में एक सजातीय की शरण पाकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद जाने की जुगत में है।
अवधेश मिश्रा पर हुई कार्यवाही से जनमानस में खुशी का इजहार
करीब एक दशक से झूठे मुकदमों में फंसाकर भोलेभाले लोगों अध्यापकों वकीलों पत्रकारों इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर, पुलिस क्षेत्राधिकारी, जेल अधीक्षक, एआरटीओ, एसडीएम, अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट सहित कई पुलिस अधीक्षक तत्कालीन जिलाधिकारी स्थानीय अधि सूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक और सब इंस्पेक्टरों न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें कराकर उनका मानसिक शोषण करने वाले शातिर नॉन प्रक्टिशनर कथित वकील पर शनिवार को हुई कार्यवाही से जनमानस में खुशी की लहर दौड़ गई।
जनपद के अलावा अन्य जनपदों में तैनात कई पुलिस कर्मियों ने सरकार और कानून के चले इस हथौड़े को न्याय की जीत बताया है हालाकि अवधेश अभी पुलिस के हत्थे नही चढ़ा है लेकिन पुलिस पूरी ताकत से कार्यवाही में डटी है लोग इस कार्यवाही को ऑपरेशन महाकाल का आगाज बता रहे है, तो कोई योगी आदित्यनाथ का न्याय बता रहे।
तंत्र विद्या के माध्यम से अवधेश और उसकी पत्नी लोगों को बनाते थे बेवकूफ
मध्य रात्रि अवधेश के घर से जब हा मसाज जाग मसाज की आवाजें लोगों के कानों में गूंजती तो लोग और पड़ोसी भयजदा हो जाते बतातें हैं कि तंत्रविद्या के माध्यम से अवधेश मसानी पूजा भी पत्नी रीता पाठक मिश्रा संग करता था। तंत्र शास्त्र के माध्यम से उसने कई बड़े घरानों को भी जाल में फंसा रखा था। चमगादड की भस्म खिलाकर उसने न जाने कितनें लोगों को बस में किया था। जेएस गु्रप के चेयरमैन शैलेन्द्र यादव और उनकी पत्नी मौजूदा वक्त में उसके भक्तों में शुमार थे। शनिवार की रात शैलेन्द्र यादव अवधेश के घर से ही निकले थे। लोगों ने बताया कि वह यहां पूजा करने रोज कई घंटों आते हैं।






