– राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, “जाति आधारित अपमान और न्यायपालिका पर हमला देश के लिए गंभीर संकेत हैं
– प्रशासन और सरकार को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए”
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने हरियाणा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या और हाल ही में चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “यह गंभीर विषय है कि एक आईपीएस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली और जाति के आधार पर उसे अपमानित किया जा रहा है, और एक चीफ जस्टिस पर जूता फेंकना, इससे खराब बात देश के लिए क्या हो सकती है।” अखिलेश यादव ने इन घटनाओं को देश में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता के लिए गंभीर चुनौती बताया।
उन्होंने प्रशासन और सरकार से अपील की कि वे ऐसी घटनाओं को हल्के में न लें और दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उनका कहना था कि पद और सत्ता पाने के बावजूद किसी भी नागरिक को जातिवाद, अपमान और उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने यह भी जोर दिया कि न्यायपालिका और कानून-व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक द्वारा न्यायालय पर हमला करना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक अनुशासन के लिए भी खतरा है।
इस अवसर पर उन्होंने समाज में व्याप्त जातिवादी मानसिकता और सरकारी नीतियों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार को यह समझना होगा कि केवल पद, सत्ता और धन से जातिवाद और भेदभाव की जड़ें नहीं मिटतीं। ऐसे मामलों से समाज को यह संदेश जाना चाहिए कि किसी भी स्तर पर जातिवाद, अपमान और अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि यह घटना और न्यायपालिका पर हमले की घटना देशवासियों के लिए चेतावनी हैं। इसे गंभीरता से लेना होगा और ऐसे कृत्यों को दोबारा होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए और समाज में समानता, न्याय और कानून का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।





