एसटीएफ ने लेखा विभाग और बीएसए दफ्तर पर मारा छापा, कई अफसरों से घंटों पूछताछ
गोंडा। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में वर्षों से चले आ रहे सबसे चर्चित घोटालों में से एक अनामिका शुक्ला प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गोंडा जिले के वित्त एवं लेखा विभाग और बेसिक शिक्षा कार्यालय में अचानक छापेमारी कर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया।
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ की अयोध्या यूनिट की टीम दोपहर में गोंडा पहुंची। टीम ने कार्यालय परिसर को घेरते हुए कर्मचारियों को बाहर न जाने का निर्देश दिया और रिकॉर्ड रूम को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने पटल लिपिक अनुपम पांडे से करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में गहन पूछताछ की। इस दौरान वेतन भुगतान, अनुमोदन फाइलें, और पुराने सेवा रजिस्टरों की गहराई से जांच की गई। टीम कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ लेकर लौट गई।
सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2017 से दिसंबर 2024 तक अनामिका शुक्ला के नाम पर बिना किसी वैध अनुमोदन के वेतन भुगतान किया गया। जबकि वर्ष 2020 में यह घोटाला उजागर हुआ था कि एक ही नाम से 25 स्कूलों में अलग-अलग लोग नौकरी कर रहे थे और हर जगह से सरकारी वेतन ले रहे थे। यह मामला न केवल शिक्षा विभाग की लापरवाही बल्कि भ्रष्टाचार के गहरे नेटवर्क का भी खुलासा करता है।
शाम होते-होते एसटीएफ की टीम ने बीएसए कार्यालय में भी छापा मारा। वहां बीएसए अतुल कुमार तिवारी और पटल लिपिक सुधीर कुमार सिंह से देर रात तक पूछताछ चली। बताया जा रहा है कि जांच टीम को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो 2017 से अब तक हुए फर्जी भुगतान के पूरे सिलसिले को उजागर कर सकते हैं।
इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है। अधिकारी और कर्मचारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने में जुट गए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ की यह कार्रवाई केवल गोंडा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले दिनों में अनामिका शुक्ला नेटवर्क से जुड़े अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।





