सरगना छांगुर पर यौन शोषण और धार्मिक अपमान के गंभीर आरोप, भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की थी बताया
लखनऊ| राजधानी में उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। एटीएस ने बहुचर्चित छांगुर गिरोह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरोह का सरगना छांगुर न केवल मजबूर और गरीब महिलाओं से बलात्कार करता था, बल्कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर करता था। चार्जशीट के अनुसार, छांगुर और उसके साथियों ने कई महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक लालच देकर पहले धर्म परिवर्तन कराया और फिर उनके साथ यौन शोषण किया।
एटीएस की जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि छांगुर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता था और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान देता था। गिरोह ने विशेष रूप से गरीब तबके, दलित समुदाय और जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाया। उन्हें पैसे, नौकरी, इलाज और विदेश भेजने जैसे झूठे सपने दिखाकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार किया जाता था। यही नहीं, चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि छांगुर ने अपने संगठन के लिए विदेशी फंडिंग भी जुटाई। दुबई से लगभग 23.61 करोड़ रुपये की अवैध विदेशी फंडिंग के प्रमाण एटीएस को मिले हैं, जिसका उपयोग धर्मांतरण गतिविधियों और संगठन के प्रचार-प्रसार में किया गया।
एटीएस ने इस पूरे मामले में 33 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं जिन्होंने छांगुर और उसके गिरोह के सदस्यों पर यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। चार्जशीट में दर्ज गवाही और सबूतों से साफ है कि यह गिरोह संगठित तरीके से भारत के सामाजिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। एटीएस सूत्रों का कहना है कि गिरोह का उद्देश्य भारत को “इस्लामिक राष्ट्र” बनाना था और इसके लिए देशभर में गुप्त नेटवर्क तैयार किया जा रहा था।
गिरोह का सरगना छांगुर वर्तमान में जेल में बंद है। एटीएस ने चार्जशीट में उसके खिलाफ रेप, धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े गंभीर धाराओं में आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं और आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। यह मामला अब राज्य और केंद्र सरकार दोनों की निगरानी में है।




