गोरखपुर| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा दूसरे दिन भी सुर्खियों में रहा। गुरुवार सुबह जब वे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे, तो मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में फरियादी पहले से इंतजार कर रहे थे। प्रदेश के दूर-दराज़ जिलों से लोग अपनी समस्याएँ लेकर आए थे — किसी की ज़मीन पर अवैध कब्जा था, कोई पुलिस की निष्क्रियता से परेशान था, तो कोई सरकारी योजना का लाभ न मिलने की शिकायत लेकर आया था।
मुख्यमंत्री योगी ने हर फरियादी को धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को टालने या फाइल दबाने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जनता दर्शन सरकार और जनता के बीच संवाद की वह प्रक्रिया है जहाँ न्याय तुरंत मिलना चाहिए।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत का त्वरित निस्तारण हो और रिपोर्ट समय पर उन्हें भेजी जाए। जनता दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर प्रशासनिक गतिविधियों से गूंजता रहा। सुबह से लेकर दोपहर तक सीएम लगातार जनता से मिलते रहे। मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद एक बार फिर साबित करता है कि सरकार जनता की समस्याओं को लेकर कितनी सजग है।





