हरदा| मध्य प्रदेश के हरदा जिले में तैनाती के दौरान 2019 बैच के IAS अधिकारी नागार्जुन बी. गौड़ा पर 10 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का सनसनीखेज आरोप लगा है। यह वही अधिकारी हैं जो सोशल मीडिया पर ‘एथिक्स एंड इंटीग्रिटी’ पर मोटिवेशनल लेक्चर देने के लिए मशहूर हैं और जिनकी किताबें सरकारी सिस्टम में ईमानदारी का पाठ पढ़ाती हैं। अब उन्हीं पर 51 करोड़ रुपये के जुर्माने को घटाकर मात्र 4,032 रुपये करने के एवज में 10 करोड़ की घूस लेने का आरोप लगा है।
जानकारी के मुताबिक हरदा में पदस्थ रहने के दौरान उन्होंने एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों को दरकिनार किया। आर्थिक अपराध शाखा को मिले सबूतों के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू की जा चुकी है। अधिकारी के बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि नागार्जुन गौड़ा ने कुछ समय पहले “प्रशासन में नैतिकता” पर एक चर्चित पुस्तक लिखी थी और युवाओं को ईमानदारी की सीख देने के लिए देशभर में व्याख्यान देते थे। अब उन्हीं के खिलाफ भ्रष्टाचार की इस बड़ी कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में भूचाल ला दिया है। कई वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि अगर आरोप सही पाए गए तो यह IAS बिरादरी के लिए एक बड़ा झटका होगा।






