पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गहमागहमी तेज हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुआई में भारत निर्वाचन आयोग की शीर्ष टीम राजधानी पटना पहुंची और चुनावी तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी। आयोग का यह दौरा चुनावी शंखनाद से पहले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। शुक्रवार रात 10 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और डॉ. विवेक जोशी पटना पहुंचे।
शनिवार सुबह आयोग की टीम सबसे पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रही है। यह बैठक होटल ताज, पटना में आयोजित की गई है। इसमें भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद, लोजपा-आर, रालोजपा, माले, सीपीएम, आप और बसपा समेत सभी प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, प्रत्येक दल से अधिकतम तीन सदस्य बैठक में भाग ले रहे हैं। आयोग का मकसद दलों से सलाह, सुझाव और शिकायतें सुनना है, ताकि चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष हो।
इसके बाद आयोग प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को चुनावी तैयारियों का पूरा खाका पेश करना होगा। बूथवार सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों पर निगरानी, मतदाता सूची, मतदान कर्मियों की तैनाती और मतदाता जागरूकता जैसे बिंदुओं पर विशेष समीक्षा की जाएगी।
रविवार को आयोग का फोकस प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों पर रहेगा। नोडल अधिकारियों से लेकर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, राज्य पुलिस नोडल अधिकारी और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधियों तक सभी से चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी। तीसरे और अंतिम सत्र में बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापक बैठक कर अंतिम समन्वय का रोडमैप तय किया जाएगा।
दो दिनों के इस दौरे के अंत में आयोग मीडिया से संवाद करेगा और अब तक की तैयारियों का लेखा-जोखा साझा करेगा। इसके बाद टीम दिल्ली लौट जाएगी। अनुमान है कि अगले 48 घंटे में बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो सकती है। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, ऐसे में चुनाव इस साल ही संपन्न होंगे।





