राजेपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिससे मरीज और उनके परिजन काफी परेशान हैं। बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित महिलाओं को इलाज के लिए घंटों तक जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। शिकायतों के मुताबिक, उन्हें दवा और प्राथमिक जांच दो घंटे बाद ही उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में बाढ़ का पानी भरे होने के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्हें पिछले तीन दिनों से ठंड लगने और बुखार जैसी समस्या हो रही थी। ओपीडी में पर्चा बनवाने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। इसके बाद ही उन्हें जांच के लिए बुलाया गया और दवा दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल में बिजली आपूर्ति की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। महिला प्रसव वार्ड में भर्ती मरीज मुस्तफा, किरण और कोमल ने बताया कि रात के समय बिजली न होने के कारण मच्छरों का प्रकोप रहता है और वार्ड में रखे जनरेटर भी बंद रहते हैं। इस कारण उन्हें पूरी रात जागकर बीमारियों और मच्छरों से संघर्ष करना पड़ता है, जिससे उनकी तकलीफ और बढ़ जाती है।
इसके अलावा, प्रसव के बाद महिलाओं को दूध, ब्रेड, बिस्किट या पोषक भोजन भी उपलब्ध नहीं कराया गया। जब उन्होंने स्टाफ नर्स से इसकी शिकायत की, तो उनकी शिकायत का टालमटोल किया गया। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की खामियों और मरीजों के प्रति लापरवाही को उजागर किया है, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।




