हापुड़\ एक दुष्कर्म मामले की जांच के दौरान सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें जांच अधिकारी दरोगा अनमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पीड़िता की मरी हुई मां का बयान केस डायरी में दर्ज किया।
दरोगा अनमोद कुमार ने केस डायरी में लिखा कि पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी दिमाग से थोड़ी मेंटली डिस्ट्रब्ड है। इसी कथित मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर सभी आरोपी दुष्कर्म के आरोपों से बरी कर दिए गए।
पीड़िता ने जब यह जानकारी पाई, तो उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। उच्च अधिकारियों की जांच में यह पाया गया कि केस डायरी में दर्ज बयान पूरी तरह से फर्जी और गुमराह करने वाला था। इसके बाद कप्तान साहब ने दरोगा अनमोद कुमार को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े ने न केवल न्याय प्रक्रिया को बाधित किया, बल्कि पीड़िता की मानसिक और भावनात्मक स्थिति को भी प्रभावित किया। अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से जनता का पुलिस और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता है, इसलिए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।





